Peoples Update Special :मप्र में 20 लाख लोगों का ऐसे दूर होगा तनाव, राज्य सरकार ने किया यह खास इंतजाम

मप्र में राज्य सरकार लोगों के खुश रहने का प्रयास कर रही है। महिला, बुजुर्ग और दिव्यांगों के साथ ही आम लोगों को तनाव दूर करने के लिए आनंद विभाग ने आनंदोत्वस कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।
मप्र में 20 लाख लोगों का ऐसे दूर होगा तनाव, राज्य सरकार ने किया यह खास इंतजाम
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    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    राजीव सोनी, भोपाल। सरकार ने मप्र के करीब 20 लाख बाशिंदों को तनाव से दूर करने की अनूठी कवायद शुरू की है। आनंद विभाग ने छोटे बड़े शहरों से लेकर गांवों तक करीब 10 हजार स्थानों पर आनंदोत्सव का कार्यक्रम तैयार किया है। इस बार शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के इन कार्यक्रमों में महिला, बुजुर्ग और दिव्यांगों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष फोकस है। कार्यक्रम में मंत्री, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि भी आयोजनों से जुड़ेंगे। मकर संक्रांति 14 जनवरी से दो सप्ताह तक खो-खो, सितोलिया, चेयर, चम्मच- नींबू दौड़, बोरा रेस और पिट्ठू जैसे परंपरागत खेलकूद, लोक नृत्य- संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी।

    स्ट्रेस फ्री के लिए सामूहिक आयोजन

    प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बाशिंदों को तनावभरी दिनचर्या से 'डिटेच' और 'स्ट्रेस फ्री' कर आनंद की अनुभूति कराने की खातिर शासन ने यह कार्यक्रम शुरू किया है। आनंदोत्सव में लोगों की सहभागिता और उत्साह बढ़ाने के लिए समूह स्तर पर आयोजन करने को कहा गया है। कार्यक्रम की मूल भावना प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि सहभागिता है। सभी कमिश्नर्स, कलेक्टर,जिला पंचायत के सीईओ और निकायों में पदस्थ आयुक्त व अधिकारियों को तीन चरण में आयोजन करने के निर्देश दिए गए हैं। 

    महिला-बुजुर्गों की मौजूदगी

    राज्य आनंद संस्थान ने प्रदेश के सभी 55 जिलों और तहसील कस्बों में मौजूद अपने आनंदम केंद्र के सहयोगी, आनंदक और वालंटियर्स को इस बार ज्यादा जोर-शोर से आयोजन में भागीदारी करने को कहा है। यह भी ध्यान रखने को कहा है कि स्कूली बच्चों का कार्यक्रम बन कर न रह जाए। कार्यक्रमों में 50 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक, महिलाएं और दिव्यांगों की भागीदारी बढ़ाने की गाइडलाइन दी गई है।

    संक्रांति पर डोनेशन

    आनंद केंद्रों (नेकी की दीवार) पर समाज के संपन्न/सक्षम लोगों को अपने अतिरिक्त और अनुपयोगी सामान, कपड़े, बच्चों के लिए पाठ्य सामग्री और खिलौने आदि बांटने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

    खो-खो, चेयर रेस और नींबू दौड़

    परंपरागत खेलों में कबड्डी, खो-खो, बोरा रेस, रस्साकशी, चेयर रेस, नींबू-चम्मच दौड़, पिट्ठू और सितोलिया। लोक संगीत, भजन-कीर्तन, लोक गीत, नृत्य, गायन और नाटक आदि।

    कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति

    आयोजन के लिए समितियां गठित की गई हैं। इनमें जिला स्तर पर कलेक्टर और विकास खंड में एसडीओ की अध्यक्षता में समितियां कर सदस्य भी मनोनीत किए गए हैं।

    आनंदोत्सव में नए आकर्षण जोड़े

    मकर संक्रांति से दो सप्ताह तक प्रदेश के सभी जिलों में आनंदोत्सव की तैयारियां की गई हैं। इस बार कुछ नए आकर्षण भी जोड़े जा रहे हैं। संस्थान का प्रयास है कि महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांगों की ज्यादा से ज्यादा संख्या में भागीदारी हो।

    सत्य प्रकाश आर्य, निदेशक राज्य आनंद संस्थान

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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