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2026 के लिए भारतीय सेना की रूपरेखा तैयार :तीन हिस्सों में बांटी प्लानिंग, AI और ऑटोमेशन पर रहेगा खास फोकस

अल्पकालिक रणनीति के तहत सेना ने 2026 के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। सेना के सूत्रों के मुताबिक, इस साल हथियार खरीदने की बजाय युद्ध के पूरे माहौल की त्वरित जानकारी, मजबूत नेटवर्क पर फोकस रहेगा।
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तीन हिस्सों में बांटी प्लानिंग, AI और ऑटोमेशन पर रहेगा खास फोकस
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के साथ हुई 88 घंटे की जंग के विश्लेषण के बाद भारतीय सेना ने अपनी रणनीति में बड़े बदलाव करने का फैसला लिया है। सेना ने इस नई रणनीति को तीन हिस्सोंं में बांटा है। जिसमें अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजना के तहत रणनीति तैयार की गई है। 

    2026 में ऐसी रहेगी प्लानिंग

    अल्पकालिक रणनीति के तहत सेना ने 2026 के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। सेना के सूत्रों के मुताबिक, इस साल हथियार खरीदने की बजाय युद्ध के पूरे माहौल की त्वरित जानकारी, मजबूत नेटवर्क और तेजी से फैसले लेने पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यही सबसे बड़ा सबक सामने आया।

    2026 नेटवर्किंग, 2027 AI का साल

    सेना ने 2026 को ‘नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी’ और 2027 को ऑपरेशंस में AI के पूर्ण इस्तेमाल का साल घोषित किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, यह फैसला सेना की लंबे समय से चल रही परिवर्तन योजना का अगला चरण है।

    2023 से 2032: बदलाव का दौर

    भारतीय सेना ने 2023 से 2032 तक को ‘परिवर्तन का दशक’ घोषित किया है।

    • 2023: संगठन और काम करने के तरीकों में सुधार

    • 2024: तकनीक को अपनाने पर फोकस

    • 2025: जमीनी स्तर पर बदलाव

    • 2026-27: नेटवर्किंग और AI इंटीग्रेशन

    बता दें कि 6-7 मई 2025 को सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था।

    रणनीतिक संचार में भी बदलाव

    सेना स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन को भी नए सिरे से मजबूत कर रही है।

    • अंतरराष्ट्रीय बिरादरी

    • दुश्मन देश

    • घरेलू जनता

    इन तीनों के लिए अलग-अलग माध्यम तय किए जाएंगे। नैरेटिव वॉर में दुश्मन के झूठे प्रचार को नाकाम करने पर खास ध्यान रहेगा। राजनीतिक नेतृत्व, तीनों सेनाओं और मीडिया के बीच बेहतर तालमेल को प्राथमिकता दी जाएगी।

    AI और ऑटोमेशन से तेज फैसले

    सेना AI और ऑटोमेशन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करेगी। यह व्यवस्था डेटा, नेटवर्क और सैन्य आंकड़ों पर आधारित होगी। साइबर सिस्टम के जरिए तय किया जाएगा कि कौन-सी जानकारी कहां से आएगी और उसे कैसे सुरक्षित रखा जाएगा।

    साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार होगा

    सेना देशभर में फैले अपने डिजिटल नेटवर्क, डेटा सेंटर और सॉफ्टवेयर सिस्टम को एक साझा प्लेटफॉर्म से जोड़ेगी। इससे मैदान में तैनात जवान से लेकर शीर्ष कमांडर तक सभी को रियल-टाइम और सटीक जानकारी मिल सकेगी।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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