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UP कैबिनेट में उथल-पुथल :योगी दिल्ली में PM मोदी से मिले, दोनों डिप्टी CM पहले से मौजूद

इस मुलाकात के कई कयास लगना शुरू हो गए हैं। दरअसल इसकी वजह योगी कैबिनेट के डिप्टी सीएम स्वामीप्रसाद मोर्य और ब्रजेश पाठक पहले से ही दिल्ली में मौजूद है।
योगी दिल्ली में PM मोदी से मिले, दोनों डिप्टी CM पहले से मौजूद

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज दिल्ली दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री को राम मंदिर का प्रतीक चिह्न भेंट किया। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चली।  बैठक के दौरान योगी के हाथ में एक फाइल भी देखी गई, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। माना जा रहा है कि इस फाइल में उत्तर प्रदेश में चल रहे SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़े आंकड़े और रिपोर्ट शामिल थे।

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SIR के बारे में योगी ने साझा की कई जानकारी

योगी के पीएम से मीटिंग को लेकर सूत्रों ने बाताया कि दोनों ही नेताओं के बीच वोटर वेरिफिकेशन को लेकर जरूरी चर्चा हुई है। साथ ही योगी कैबिनेट के आगामी कामकाज को लेकर भी बातचीत हुई है। अपनी मीटिंग में सीएम योगी ने पीएम को अगले माह यूपी के जेवर एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के लिए न्यौता भी दिया है।  

दोनों डिप्टी सीएम पहले से दिल्ली में मौजूद

इस मुलाकात के कई कयास लगना शुरू हो गए हैं। दरअसल इसकी वजह योगी कैबिनेट के डिप्टी सीएम स्वामीप्रसाद मोर्य और ब्रजेश पाठक पहले से ही दिल्ली में मौजूद है। जहां पाठक ने राष्ट्रीय राजधानी में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन,राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष सहित राष्ट्रीय महामंत्री अरूण सिंह से भी मीटिंग की है। 

ऐसे में तीनों ही वरिष्ठ नेताओं का दिल्ली में होनी नया राजनीतिक पारा बढ़ाने के संकेत दे रहा है। हालांंकि थोड़ी ही देर बाद सीएम ने भी नितिन नबीन से मुलाकात की थी। 

क्या योगी कैबिनेट में नए चेहरों की होगी एंट्री?

बता दें इस मीटिंग ने यूपी कैबिनेट को नई हवा दे दी है। जहां मंत्रिमंडल विस्तार में इस समय कई पद खाली है जिसे सरकार जल्द ही बरने की कवायद में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य कैबिनेट में पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी की वापसी हो सकती है। हालांकि योगी खेमे  से कई मंत्रियों की छुट्टी होना भी तय माना जा रही है। 

नए चेहरों को मौका देने के पीछे की वजह जातिगत समीकरण साधना और क्षेत्रीय राजनीति में पकड़ मजबूत करना माना जा रहा है। हालांकि इसका परिणाम कैबिनेट विस्तार में नई हलचल पैदा कर सकता है। 

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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