एप्पल ने यूरोपीय संघ के टेक कानून को ठहराया फीचर में विलंब और सुरक्षा जोखिमों के लिए जिम्मेदार

अमेरिकी टेक दिग्गज ने यूरोपीय नियामकों से की अपील, कहा उन्हें इस कानून की करनी चाहिए समीक्षा
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एप्पल ने यूरोपीय संघ के टेक कानून को ठहराया फीचर में विलंब और सुरक्षा जोखिमों के लिए जिम्मेदार

वाशिंगटन। अमेरिकी टेक दिग्गज एप्पल ने कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) में उपभोक्ताओं को नए फीचर्स मिलने में देरी हो रही है।  साथ ही उन्हें प्राइवेसी और सुरक्षा से जुड़े अतिरिक्त जोखिमों का सामना भी करना पड़ रहा है। इसका कारण है यूरोपीय संघ का नया डिजिटल मार्केट्स एक्ट (डीएमए), जिसे बड़ी टेक कंपनियों की शक्ति को सीमित करने और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उद्देश्य से बनाया गया है। एप्पल ने यूरोपीय नियामकों से अपील की कि वे इस कानून की समीक्षा करें और देखें कि इसका असर वास्तव में उपभोक्ताओं पर कैसा पड़ रहा है। कंपनी का कहना है कि वह लगातार नए फीचर्स उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है, लेकिन कानूनी शर्तों के कारण उसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

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कानूनी प्रावधानों की वजह से रोकने पड़े कई फीचर्स

एप्पल ने साफ किया कि डीएमए की वजह से यूरोपीय उपभोक्ताओं के लिए कई फीचर्स रोकने पड़े हैं। इनमें आईफोन मिररिंग टू मैक और एयरपॉड्स के साथ लाइव ट्रांसलेशन जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा मैप्स में लोकेशन-आधारित कुछ सेवाएं भी यूरोपीय बाजार में रोक दी गई हैं, क्योंकि डीएमए के तहत एप्पल को यह सुनिश्चित करना होता है कि ये फीचर्स थर्ड-पार्टी डेवलपर्स या गैर-एप्पल उत्पादों के साथ भी काम करें। कंपनी का कहना है कि इस तरह की तकनीकी जटिलताओं को हल करना बिना उपभोक्ताओं के डेटा को खतरे में डाले संभव नहीं है। एप्पल ने अपने स्तर पर सुरक्षा उपाय सुझाए, लेकिन यूरोपीय आयोग ने उन्हें स्वीकार नहीं किया।

एप्पल ने कहा डीएमए की हर समस्या का हल नहीं

कंपनी ने कहा, यह स्पष्ट हो चुका है कि डीएमए की हर समस्या का समाधान हमारे पास नहीं है। समय के साथ यह भी साफ हो गया है कि यह कानून बाजार को मदद करने की बजाय यूरोप में कारोबार करना और मुश्किल बना रहा है। दरअसल, डीएमए पिछले साल से लागू हुआ है और इसका मकसद बड़ी टेक कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिस्पर्धियों के लिए जगह खोलने के लिए बाध्य करना है। एप्पल का मानना है कि इसके चलते यूरोपीय उपभोक्ताओं का ऐप अनुभव पहले से अधिक जोखिमभरा और कम सहज हो गया है। साइडलोडिंग और वैकल्पिक ऐप मार्केटप्लेस के कारण अब स्कैम, मालवेयर और अश्लील सामग्री जैसे खतरनाक ऐप्स भी बाजार में आ सकते हैं, जिन्हें पहले एप्पल के ऐप स्टोर पर रोक दिया जाता था।

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ट्रंप प्रशासन ने भी की इस कानून की आलोचना

एप्पल पहले ही यूरोपीय संघ के प्रतिस्पर्धा संबंधी आदेशों का पालन करने के लिए अपने ऐप स्टोर के नियमों और शुल्क ढांचे में बदलाव कर चुका है। लेकिन कंपनी का कहना है कि ये बदलाव उपभोक्ताओं की सुरक्षा और सुविधा दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। एप्पल ने यहां तक कहा कि यूरोपीय संघ को इस कानून को या तो पूरी तरह वापस लेना चाहिए या फिर इसमें बड़े स्तर पर बदलाव करने चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन भी लगातार इस कानून की आलोचना करता रहा है, जबकि यूरोपीय आयोग ने ट्रंप के बयानों को सिरे से खारिज कर दिया है। एप्पल मानता है कि डीएमए उपभोक्ताओं की सुरक्षा और सुविधा से समझौता कर रहा है, जबकि यूरोपीय संघ का मानना है कि यह कानून बड़ी कंपनियों की एकाधिकार प्रवृत्ति को तोड़कर प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा।

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपुल्स समाचार में मुख्य उप संपादक के रूप में कार्यरत। दैनिक जाग...Read More

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