Naresh Bhagoria
12 Jan 2026
नई दिल्ली। देश की सत्ता का प्रशासनिक केंद्र अब एक नए पते की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यालय (PMO) जल्द ही साउथ ब्लॉक से विदा लेकर एक अत्याधुनिक परिसर में काम शुरू करने जा रहा है। नए दफ्तर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और अंतिम तैयारियां जारी हैं। सूत्रों के मुताबिक, जनवरी में ही प्रधानमंत्री कार्यालय नए ठिकाने पर शिफ्ट हो सकता है।
प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के लिए विजय चौक के पास रायसीना हिल के नीचे एक भव्य परिसर तैयार किया गया है। इसे ‘सेवा तीर्थ परिसर’ नाम दिया गया है। इस परिसर में तीन हाई-टेक इमारतें बनाई गई हैं, जिन्हें सेवा तीर्थ–1, सेवा तीर्थ–2 और सेवा तीर्थ–3 कहा जाता है। सेवा तीर्थ–1 में प्रधानमंत्री कार्यालय स्थापित किया गया है, जबकि सेवा तीर्थ–2 में कैबिनेट सचिवालय। सेवा तीर्थ–3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय काम करेगा, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय होगा।
यह पूरा परिसर सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत नया संसद भवन और उपराष्ट्रपति एन्क्लेव पहले ही बनकर तैयार हो चुके हैं। मंत्रालयों के लिए प्रस्तावित आठ नए कर्तव्य भवनों में से तीन बन चुके हैं और कई मंत्रालय वहां शिफ्ट भी हो गए हैं। अब इसी कड़ी में PMO के स्थानांतरण की तैयारी है।
शुरुआत में इस परिसर को ‘एक्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ कहा जा रहा था, लेकिन फिर नाम बदलकर ‘सेवा तीर्थ परिसर’रख दिया गया। सेवा तीर्थ के पास ही नए प्रधानमंत्री आवास का निर्माण भी जारी है, जिसके पूरा होने पर प्रधानमंत्री निवास सात लोक कल्याण मार्ग से यहां स्थानांतरित होगा।
सेवा तीर्थ परिसर में अतिविशिष्ट मेहमानों के स्वागत के लिए अत्याधुनिक कक्ष बनाए गए हैं, जिनमें भारतीय संस्कृति और विरासत की झलक दिखाई देती है। यहां कैबिनेट बैठकों के लिए विशेष कक्ष भी तैयार किए गए हैं। नए PMO में अधिकारियों के लिए ओपन फ्लोर व्यवस्था होगी, जैसी व्यवस्था कर्तव्य भवनों में अपनाई गई है।
देश की आजादी के बाद जब भारत सरकार का गठन हुआ, तब से ही प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में काम कर रहा है। साउथ ब्लॉक ब्रिटिश काल में बना था और आजादी के बाद इसे भारत सरकार के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक भवनों में शामिल किया गया। वर्तमान में साउथ ब्लॉक में प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ रक्षा मंत्रालय भी स्थित है, जबकि नॉर्थ ब्लॉक में गृह और वित्त मंत्रालय हैं। जिन्हें अब कर्तव्य भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। अंग्रेजों के बनाए गए नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में युगे युगीन भारत संग्रहालय बनाया जाएगा।