Naresh Bhagoria
12 Jan 2026
गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को फ्रेडरिक मर्ज की मुलाकात हुई। गांधीनगर के कन्वेंशन सेंटर में दोनो नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। वहीं जर्मनी चांसलर से चर्चा के बाद मोदी ने कहा कि भारत-जर्मनी करीबी साझेदार है। दोनों देशों के अब तक बेहतर संबंध रहे हैं। भारत में जर्मन की 200 से ज्यादा कंपनियां है।
जर्मन चांसलर से मीटिंग के बाद मोदी ने कहा कि भारत-जर्मन अब तक कई परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। जर्मन का भारत के प्रति अटूट विश्वास है। इतना ही नहीं दोनों देश कई फील्ड में उतरे हैं और एक साथ बेहतर प्रयास देने में कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त मोदी ने कहा कि आज हुए MOU से दोनों देशों में मजबूती बढ़ेगी।

अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट पर पतंग उड़ाते पीएम मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज
गांधीनगर में हुई मुलाकात में पीएम मोदी ने कहा कि जर्मन चांसलर की यह यात्रा एक अहम समय पर हो रही है। पिछले वर्ष ही दोनों देशों ने अपने रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे किए हैं।
भारत-जर्मनी की अर्थव्यवस्था का किया गया करीबी मदद पूरी मानवता के लिए एक है।
इसके अतिरिक्त रक्षा क्षेत्र में भारत-जर्मनी का बढ़ते कदम आपसी भरोसे और सकारात्मक सोच का दृढ़ प्रतीक है।
भारत के पहले आधिकारिक दौरे पर आए जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भारतीय नागरिकों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब भारतीयों को जर्मनी में वीजा-फ्री ट्रांजिट की सुविधा दी जाएगी। संयुक्त वक्तव्य में इस घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मन चांसलर का आभार व्यक्त किया। इस दौरान भारत और जर्मनी के बीच कई अहम एमओयू (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए।
इस उच्चस्तरीय बैठक और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव समेत दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ गुजरात के रिवरफ्रंट का दौरा भी किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत हुई, जिसे भारत-जर्मनी के गहरे और भरोसेमंद रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है।

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, शहरी विकास और शहरी गतिशीलता जैसे अहम क्षेत्रों में मिलकर नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने बताया कि दोनों देशों की कंपनियां मिलकर ग्रीन हाइड्रोजन में एक नया मेगा प्रोजेक्ट शुरू कर रही हैं, जो भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा के लिहाज से गेम-चेंजर साबित होगा।
पीएम ने यह भी कहा कि भारत और जर्मनी सुरक्षित, भरोसेमंद और मजबूत सप्लाई चेन तैयार करने के लिए साझेदारी को और गहरा कर रहे हैं, ताकि वैश्विक स्तर पर आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिल सके।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा,
“हम भारत और जर्मनी के बीच संबंधों को और भी ऊंचे स्तर पर ले जाना चाहते हैं। आपने मुझे अपने गृह राज्य गुजरात आने का न्योता दिया, इसके लिए मैं दिल से आपका आभार व्यक्त करता हूं। यह न केवल हमारे देशों के गहरे रिश्तों का प्रतीक है, बल्कि यह आपके साथ मेरी व्यक्तिगत दोस्ती को भी दर्शाता है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि भारत आज 2000 से ज्यादा जर्मन कंपनियों का घर है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है और आने वाले वर्षों में इसके और बढ़ने की पूरी संभावना है।
पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि यह साझेदारी निवेश, तकनीक और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी।