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वेनेजुएला में होगा तख्तापलट!ट्रंप प्रशासन शुरू कर सकता है सीक्रेट ऑपरेशन, चेतावनी के बाद कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने रद्द कीं उड़ानें

ट्रंप प्रशासन शुरू कर सकता है सीक्रेट ऑपरेशन, चेतावनी के बाद कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने रद्द कीं उड़ानें
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    वॉशिंगटन डीसी। रूस-यूक्रेन युद्ध को शांत कराने के लिए 28 पॉइंट का प्लान पेश करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब वेनेजुएला को लेकर अचानक सक्रिय हो गए हैं। कैरेबियन क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य हलचल तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका आने वाले कुछ दिनों में वेनेजुएला से जुड़े ऑपरेशन्स का ‘नया फेज’ शुरू कर सकता है। हालात ऐसे हैं कि, एक विवाद शांत होते होते दूसरा संभावित संघर्ष खड़ा होता दिखाई दे रहा है।

    अमेरिका की रहस्यमयी तैयारियां तेज

    कई हफ्तों से अमेरिका लगातार अपने युद्धपोत, पनडुब्बियां और लड़ाकू विमान कैरेबियन में भेज रहा है, लेकिन आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। चार अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन की योजना का पहला कदम सीक्रेट ऑपरेशन हो सकता है, जिसका सीधा निशाना वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार होगी। अमेरिका इसे ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान बताता है, जबकि मादुरो प्रशासन कहता है कि यह सत्ता परिवर्तन की खुली साजिश है।

    मादुरो को हटाने तक के विकल्पों पर चर्चा

    जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन मादुरो को सत्ता से हटाने सहित सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है। वेनेजुएला की सेना पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रही है। कई सैनिक यूनिटों को खाने का इंतजाम तक स्थानीय कारोबारियों से उधार लेना पड़ रहा है।

    इन्हीं कारणों से मादुरो सरकार संभावित सैन्य कार्रवाई की स्थिति में लंबे समय तक प्रतिरोध की रणनीति बना रही है, जिसमें छोटे-छोटे समूहों द्वारा गुरिल्ला युद्ध, तोड़फोड़ और छापामार शैली अपनाने की योजना शामिल है।

    अमेरिकी रक्षा मंत्री का खुला संकेत

    अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पहले ही कह चुके हैं कि वेनेजुएला के खिलाफ Covert (गुप्त) और Overt (खुली) दोनों तरह की कार्रवाई की तैयारी है। सोमवार को अमेरिका ‘कार्टेल दे लोस सोलेस’ को विदेशी आतंकी संगठन घोषित करने जा रहा है। अमेरिका का दावा है कि, इस ड्रग नेटवर्क का नेतृत्व मादुरो करते हैं, हालांकि वेनेजुएला इसका खंडन करता है।

    अमेरिका ने रूसी टैंकर को रोका

    वेनेजुएला को रूस का समर्थन लंबे समय से अहम रहा है। इसी बीच समुद्र में तनाव तब बढ़ गया जब रूस का सीहॉर्स नाम का तेल टैंकर वेनेजुएला की ओर बढ़ रहा था, लेकिन रास्ते में अमेरिकी विध्वंसक जहाज USS स्टॉकडेल उसके सामने आ गया।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह टैंकर तीन बार वेनेजुएला पहुंचने की कोशिश कर चुका है, लेकिन हर बार अमेरिकी नौसेना की गतिविधियां तेज होने पर उसे वापस क्यूबा की ओर लौटना पड़ा। अमेरिकी पक्ष ने इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

    FAA की चेतावनी के बाद इंटरनेशनल उड़ानें रद्द

    अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने चेतावनी दी कि, वेनेजुएला के ऊपर संभावित खतरनाक स्थिति बन सकती है। FAA ने कहा कि, वेनेजुएला के एयरस्पेस में सैन्य गतिविधि बढ़ गई है। GPS इंटरफेरेंस की घटनाएं देखी जा रही हैं। किसी भी ऊंचाई पर उड़ानें जोखिम में पड़ सकती हैं। इस चेतावनी के अगले ही दिन कई इंटरनेशनल एयरलाइंस ने काराकस के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दीं।

    इनमें GOL (ब्राजील), Avianca (कोलंबिया), LATAM (चिली), Caribbean Airlines, TAP Air Portugal शामिल हैं। अचानक इस फैसले से यात्रियों में अफरा-तफरी फैल गई।

    कैरेबियन में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी

    कैरेबियन क्षेत्र में अमेरिकी शक्ति का जमावड़ा पहले कभी इतना बड़ा नहीं देखा गया। अमेरिका का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर जेराल्ड आर. फोर्ड, कम से कम 8 युद्धपोत, एक परमाणु पनडुब्बी और कई F-35 लड़ाकू विमान। 16 नवंबर से यह स्ट्राइक ग्रुप सक्रिय है, जिससे सैन्य कार्रवाई की आशंकाएं और बढ़ गई हैं।

    मादुरो ने रूस से मांगी मदद

    वेनेजुएला ने संभावित हमले के खतरे को देखते हुए रूस से अतिरिक्त सैन्य सहायता मांगी है। जानकारी के अनुसार वेनेजुएला ने रूस से सुखोई जेट की मरम्मत, रडार सिस्टम अपडेट और मिसाइल सिस्टम सपोर्ट जैसी मदद का अनुरोध किया है। हाल ही में एक रहस्यमयी रूसी विमान का वेनेजुएला में उतरना भी इंटरनेशनल एजेंसियों की निगरानी में है।

    क्या अमेरिका हमला करेगा या यह दबाव की रणनीति?

    अमेरिका की बयानबाजी, सैन्य तैनाती, एयर रूट पर चेतावनी और रूस की सक्रियता दिखाती है कि हालात बेहद संवेदनशील हैं। यह साफ नहीं है कि ट्रंप प्रशासन वास्तव में सैन्य कार्रवाई करेगा या यह कूटनीतिक और सैन्य दबाव बनाने की रणनीति भर है।

    लेकिन एक बात तय है कि, अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते उन दिनों में प्रवेश कर चुके हैं, जहां किसी भी समय बड़ा फैसला या बड़ा टकराव सामने आ सकता है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...

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