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स्पाइडरमैन चोर : धूम के कबीर की तरह लुक बदलने में माहिर, वॉकी-टॉकी करता था इस्तेमाल  

अंतर्राज्यीय चोर ने पुलिस की नाक में दम कर रखा था। चोरी करने के बाद अपना लुक चेंज कर लेता था। इसलिए हर बार पुलिस के हाथ से निकल जाता था। बाइक राइडिंग और स्केटिंग और बंजी-जंपिंग भी करता है। उस पर सात राज्यों में 100 से ज्यादा केस दर्ज हैं। हालांकि अभी जेल में दि काट रहा है।
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 धूम के कबीर की तरह लुक बदलने में माहिर, वॉकी-टॉकी करता था इस्तेमाल   
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    सतीश उपाध्याय,भोपाल। राजधानी का एक शातिर चोर बॉलीवुड फिल्म धूम की तर्ज पर अंतर्राज्यीय स्तर पर चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम देता है। वह अब तक देश के सात राज्यों में चोरी की 100 से ज्यादा वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस से बचने के लिए वह हमेशा वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करता है, जिससे  पुलिस को तकनीकी साक्ष्य की मदद से घटनास्थल पर उसकी मौजूदगी का पता न चले। ये चोर बाइक राइडिंग और स्केटिंग और बंजी-जंपिंग भी करता है। उसने अपने जीवन में पहली बार नाबालिग रहते हुए अपराध की दुनिया में कदम रखा था।  उसकी गैंग में 5 सदस्य हैं। अभी फिलहाल सभी जेल में है।

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    बचपन में ही करता था मारपीट

    हम बात कर रहे हैं राजधानी के 1100 क्वार्टर हबीबगंज में रहने वाले अनूप सिंह पुत्र भृगु नारायण (35) के बारे में, जो एक अंतर्राज्यीय शातिर चोर है। वह फिलहाल शीतल स्टार सिटी परवलिया का रहने वाला है। अनूप सिंह का परिवार नेपाल मूल का है। उसके माता-पिता नेपाल से आने के बाद आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) में कुछ साल रहे फिर भोपाल आकर बस गए थे। अनूप ने यहीं रहकर स्कूल के बाद कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। नाबालिग रहते हुए उसने पहली बार मारपीट-झगड़े के चलते अपराध की दुनिया में कदम रखा था।

    2005 से सबसे पहले तोड़ा था एटीएम

    वर्ष 2005 में अपने दोस्त नवीन गोस्वामी और शैलेन्द्र विश्वकर्मा के साथ मिलकर शाहपुरा स्थित एक एटीएम तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद अनूप ने भोपाल के अलावा प्रदेश के दूसरे शहरों और फिर दूसरे राज्यों में जाकर चोरी और नकबजनी की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया।

    इसलिए करता था वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल

    पुलिस की मानें तो अनूप सिंह को पता था कि पुलिस तकनीकी की मदद से उसका पता लगा सकती है या छोड़े गए तकनीकी साक्ष्य से सजा दिला सकती है। वह कभी भी चोरी-नकबजनी की वारदातों में मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता। वह हमेशा वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करता है। इसी से वह चोरी के दौरान गैंग के सदस्यों से लगातार संपर्क में रहता है।

    दीवारों पर चढ़ने में माहिर 

    साल 2016 में गुना क्षेत्र में अचानक चोरियों की वारदातें शुरू हो गर्इं। इन चोरियों में खास बात ये थी कि बिना ताला या खिड़की तोड़े चोर अंदर आता था और चोरी करके चला जाता था। पुलिस ने जब चोर पकड़ा तो खुलासा हुआ कि चोरी स्पाइडमैन  की तरह दीवारों पर चढ़ने में माहिर है।

    अपने घर में बना रखा है जिम

    अनूप सिंह जब भी किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी करता है, उससे पहले वह अपना लुक चेंज करता था। कभी वह बड़े-बड़े बाल कर लेता है तो कभी दाढ़ी बढ़ा लेता है। शातिर चोर फिटनेस फ्रीक है। उसने अपने घर में जिम बना रखी है। वह सुबह-सुबह रनिंग, स्केटिंग, बाइक राइडिंग और कार ड्राइविंग करता था।

    3 किलो सोना, 40 लाख की बरामदगी

    साल 2016 में गुना क्षेत्र में अचानक चोरियों की वारदातें शुरू हो गर्इं। इन चोरियों में खास बात ये थी कि बिना ताला या खिड़की तोड़े चोर अंदर आता था और चोरी करके चला जाता था। पुलिस ने जब चोर पकड़ा तो खुलासा हुआ कि वह दीवारों पर चढ़ने में माहिर है।

    ऐसे हुआ खुलासा

    टीटी नगर थाना क्षेत्र सरस्वती नगर से गत 6 सिंतबर को एक वैगनआर कार चोरी हुई थी। थाना प्रभारी गौरव दोहरे की टीम आरक्षक कपिल कौशिक को जांच के दौरान पता चला कि उक्त कार परवलिया तक पहुंची है। जब पुलिस ने 17 सिंतबर को परवलिया इलाके में पड़ताल कर  तलाश किया तो वह कार अनूप सिंह के शीतल स्टेट सिटी स्थित मकान पर खड़ी मिली। यहां एक फॉर्च्यूनर और चोरी की सेट्रो कार भी मिली। इसी सेंट्रो कार से उसने अपने साथी अहमद हुसैन और अभिषेक के साथ मिलकर नीमच में नकबजनी की थी। नीमच पुलिस की रिकवरी में आरोपियों के पास से चार वॉकी-टॉकी मिले थे।  

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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