उज्जैन में हत्याकांड के आरोपियों का शॉर्ट एनकाउंटर, पुलिस वाहन से कूदकर भागे तो पैरों में लगी गोली

उज्जैन। दो सगे भाइयों की हत्या के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने शनिवार रात हिरासत में लिया, लेकिन थाने ले जाते समय दोनों ने पुलिस वाहन से कूदकर भागने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, रोकने की कोशिश करने पर आरोपियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। घायल दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी उज्जैन के नीलगंगा क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड में फरार चल रहे थे। पुलिस को उनकी लोकेशन इंदौर रोड स्थित कोरहन गांव में मिली थी, जहां दोनों अपनी बहन के घर छिपे हुए थे।
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महिला को लेकर शुरू हुआ विवाद, पुरानी रंजिश में बदला मामला
पुलिस के मुताबिक, नीलगंगा इलाके में रहने वाले पासी और गोरकर परिवारों के बीच होली के त्योहार के दौरान एक महिला को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद दोनों परिवारों के बीच रंजिश बढ़ती चली गई। कुछ समय से दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी।इसी पुरानी रंजिश के चलते 18 जुलाई की रात करीब 11 बजे दरबार फूड रेस्टोरेंट के सामने दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया और दोनों तरफ से लाठी-डंडे, तलवार और पत्थरों से हमला किया गया।
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चार राउंड फायरिंग में लोकेश की मौत
पुलिस के अनुसार, विवाद के दौरान पासी परिवार की ओर से चार राउंड फायर किए गए। इसमें एक गोली लोकेश गोरकर को लगी। गोली लगने से लोकेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।हमले में लोकेश के बड़े भाई जय गोरकर और चचेरे भाई तपन भी घायल हुए थे। दोनों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 19 जुलाई को जय की भी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले को दोहरे हत्याकांड के रूप में जांच में लिया।
लंबे समय से फरार थे दोनों आरोपी
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। नीलगंगा थाना प्रभारी तरुण कुरील के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली कि मामले में फरार चल रहे सोनू पिता विजय बहादुर पासी और छोटू गोल्डन उर्फ विजय पिता सीताराम सूर्यवंशी इंदौर रोड स्थित कोरहन गांव में अपनी बहन के घर छिपे हुए हैं।सूचना मिलते ही पुलिस टीम शनिवार रात मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
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पुलिस वाहन से कूदे, पत्थरबाजी शुरू की
पुलिस के मुताबिक, दोनों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस वाहन से थाने लाया जा रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने वाहन से कूदकर भागने का प्रयास किया।पुलिस जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की।पुलिस की गोली दोनों आरोपियों के पैर में लगी। इसके बाद उन्हें काबू में लेकर अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल दोनों का उपचार चल रहा है और पुलिस की निगरानी में हैं।
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हथियार और घटना में भूमिका की जांच
पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में दोहरे हत्याकांड में उनकी भूमिका, घटना के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियार और फायरिंग से जुड़े तथ्यों को खंगाला जा रहा है।पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात के बाद दोनों आरोपी किन लोगों के संपर्क में रहे और उन्हें छिपने में किसने मदद की। घटनास्थल और आरोपियों से जुड़े अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।


















