PU Special :माता-पिता के झगड़ों से परेशान किशोर घर छोड़कर निकला, सोशल मीडिया दोस्त से मिलने का था प्लान

पल्लवी वाघेला, भोपाल। माता-पिता के बीच रोज होने वाले विवाद का एक किशोर पर ऐसा असर पड़ा कि उसने घर छोड़कर इंदौर जाने का फैसला कर लिया। उत्तर प्रदेश का रहने वाला 15 वर्षीय किशोर सोशल मीडिया पर बनी अपनी एक नाबालिग दोस्त से मिलने के लिए घर से निकल पड़ा। उसका इरादा बिना बताए इंदौर पहुंचकर दोस्त को सरप्राइज देने का था। हालांकि इंदौर पहुंचने से पहले ही संदेह के आधार पर किशोर को रेस्क्यू कर लिया गया। इसके बाद उसकी और उसके माता-पिता की काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग में सामने आया कि घर के लगातार विवाद से किशोर मानसिक तनाव में था और सोशल मीडिया पर बनी दोस्त से बातचीत के दौरान उसे भावनात्मक राहत महसूस होती थी। काउंसलिंग के बाद किशोर को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
माता-पिता के विवाद से बढ़ता गया तनाव
काउंसलिंग के दौरान किशोर ने बताया कि उसके माता-पिता के बीच आए दिन किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता रहता था। दोनों के झगड़े का उस पर लगातार असर पड़ रहा था और वह तनाव महसूस करता था। किशोर के मुताबिक जब वह परेशान होता था तो सोशल मीडिया पर बनी अपनी दोस्त से बात करता था। उससे बातचीत करने पर उसे अच्छा महसूस होता था और वह अपनी परेशानियां भी उसके साथ साझा करता था। धीरे-धीरे उसे लगने लगा कि घर के माहौल से दूर रहना ही उसके लिए बेहतर होगा। घटना वाले दिन माता-पिता के बीच सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा विवाद हुआ। इससे परेशान होकर किशोर घर से निकल गया और कुछ समय के लिए गुरुद्वारे में जाकर बैठा। वहीं उसने घर वापस नहीं लौटने और इंदौर जाने का मन बना लिया।
दोस्त को सरप्राइज देने की थी योजना
किशोर ने काउंसलिंग में बताया कि उसकी सोशल मीडिया पर इंदौर में रहने वाली एक नाबालिग लड़की से दोस्ती है। दोनों की बातचीत करीब तीन साल पहले शुरू हुई थी। दोनों अब तक आमने-सामने नहीं मिले हैं, हालांकि कई बार वीडियो कॉल पर बातचीत हो चुकी है। किशोर का इरादा इंदौर पहुंचकर दोस्त को बिना बताए अचानक सामने आने का था। वह उसे सरप्राइज देना चाहता था। इसके बाद उसका प्लान इंदौर में ही कोई काम तलाशकर वहीं रहने का था। हालांकि काउंसलिंग में यह भी सामने आया कि किशोर के घर से निकलने की मुख्य वजह केवल सोशल मीडिया दोस्ती नहीं थी। परिवार में लगातार होने वाले विवाद और उससे पैदा हुआ मानसिक तनाव उसके फैसले की बड़ी वजह रहे।
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सोशल मीडिया पर मिला भावनात्मक सहारा
काउंसलर के मुताबिक घर में लगातार होने वाले विवाद का बच्चों की भावनात्मक स्थिति पर गहरा असर पड़ सकता है। कई बार बच्चे अपनी परेशानी खुलकर माता-पिता से साझा नहीं कर पाते और किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश करने लगते हैं, जिसके साथ वे सहज महसूस करें। ऐसी स्थिति में सोशल मीडिया पर बने रिश्ते उन्हें भावनात्मक सहारा देने वाले लग सकते हैं। बातचीत के दौरान उन्हें कुछ समय के लिए तनाव से राहत मिलती है और धीरे-धीरे वे उस व्यक्ति से भावनात्मक रूप से जुड़ सकते हैं। काउंसलर दिव्या दुबे मिश्रा के अनुसार, बच्चों के सामने लगातार होने वाले माता-पिता के विवाद को हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर बच्चा चुप रहने लगे, घर से दूरी बनाने लगे या लगातार किसी ऑनलाइन दोस्त से ही अपनी बातें साझा करे, तो अभिभावकों को उससे संवाद बढ़ाने की जरूरत है।
काउंसलिंग के बाद परिवार को सौंपा गया
रेस्क्यू के बाद किशोर की काउंसलिंग की गई और उसके माता-पिता से भी बातचीत की गई। परिवार को बच्चे के बढ़ते तनाव और उसके व्यवहार पर पड़ रहे असर के बारे में समझाया गया। काउंसलिंग के बाद किशोर को परिवार के साथ भेज दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने रखा है कि घर में होने वाले विवादों का बच्चों पर कितना गहरा असर पड़ सकता है। अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे बच्चों से नियमित बातचीत करें, उनकी परेशानियों को सुनें और उन्हें ऐसा माहौल दें जहां वे बिना डर अपनी बात कह सकें।





















