PU Special :गड्ढों में फंसा भोपाल-मेट्रो पिलर खड़े हुए तो सड़कें सिकुड़ गईं, जाम, धूल, जलभराव से जिंदगी हुई बेहाल

भोपाल में मेट्रो निर्माण के चलते कई प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग, गड्ढे, धूल और जलभराव से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। काजी कैंप से सिंधी कॉलोनी तक करीब 3 किलोमीटर का सफर शाम के समय 65 मिनट में पूरा हो रहा है। रहवासियों और व्यापारियों का कहना है कि मेट्रो निर्माण के साथ सड़क, ट्रैफिक और ड्रेनेज व्यवस्था भी दुरुस्त होनी चाहिए।
Follow on Google News
गड्ढों में फंसा भोपाल-मेट्रो पिलर खड़े हुए तो सड़कें सिकुड़ गईं, जाम, धूल, जलभराव से जिंदगी हुई बेहाल
भोपाल। मेट्रो निर्माण कार्य के चलते शहर के कई हिस्सों में यातायात संबंधी परेशानी उठानी पड़ रही है।

प्रवीण श्रीवास्तव, भोपाल। शाम के 4 बजे हैं। करोंद से सिंधी कॉलोनी की ओर बढ़ते ही मेट्रो निर्माण की बैरिकेडिंग सड़क को निगलती नजर आती है। कहीं, चौड़ी सड़क एक लेन में सिमट गई है, तो कहीं, गड्ढों और कीचड़ के बीच वाहन रेंग रहे हैं। आधा किमी का रास्ता पार करने में 10-12 मिनट लग रहे हैं। आगे बढ़ते ही निशातपुरा, आरिफ नगर और डीआईजी बंगला पर गहरे गड्ढे, जाम और जलभराव सफर की रफ्तार रोक रहे हैं। काजीकैंप से सिंधी कॉलोनी तक करीब 3 किलोमीटर का रास्ता, जो सामान्य दिनों में 10-15 मिनट में पूरा हो जाता है, शाम के समय 65 मिनट में तय हुआ।

कई जगह रुक-रुककर आगे बढ़ते हैं वाहन

दूसरी ओर ब्लू लाइन के रत्नागिरी तिराहा से भदभदा मार्ग पर सड़क संकरी होने, डायवर्जन और निर्माण सामग्री के कारण कई जगह वाहन रुक-रुककर आगे बढ़ते मिले। करीब 21 किमी के दोनों कॉरिडोर के जायजे में एक बात साफ दिखी-शहर भविष्य की मेट्रो के लिए आज भारी कीमत चुका रहा है। दुकानदार ग्राहक घटने की शिकायत कर रहे हैं, दोपहिया चालक गड्ढों से जूझ रहे हैं और रहवासी धूल, शोर, जलभराव और लंबा जाम झेल रहे हैं। लोगों का कहना है कि मेट्रो का विरोध नहीं है, लेकिन निर्माण के साथ सड़क, ट्रैफिक और ड्रेनेज की व्यवस्था भी दुरुस्त रहनी चाहिए।

काजी कैंप से सिंधी कॉलोनी तक 65 मिनट का सफर

/img/89/1787244418873
ग्राउंड रिपोर्ट में काजी कैंप-सिंधी कॉलोनी हिस्सा सबसे ज्यादा परेशान करने वाला मिला। बैरिकेडिंग के कारण सड़क संकरी है और गड्ढों में बारिश का पानी व कीचड़ भरा मिला। दोपहिया वाहन चालक बच-बचकर निकलते दिखे। करोंद पुलिया से निशातपुरा आरओबी तक भी सड़क की हालत खराब मिली। डीआईजी बंगला क्षेत्र में जलभराव ने परेशानी और बढ़ा दी।

गड्ढों में फंस रहे वाहन 

मेट्रो निर्माण के चलते सड़कों पर एक एक फीट गहरे गड्ढे बन गए। इन रास्तों से गुजरने वाले लोडिंग ऑटो हो या सवारी वाहन, हर रोज इन गड्ढों में फंसते हैं। गुरुवार को भी एक घंटे में दो बार वाहन फंस गए, जिससे लंबा जाम लग गया। यही नहीं इसी दौरान एक बेट्री ऑटो गड्ढे में फंस कर पटल गया।

जाम ने बढ़ाया सफर, शरीर पर भी पड़ रहा असर

/img/89/1787244237161

खराब सड़क और लंबे ट्रैफिक जाम का असर रोजाना सफर करने वालों की सेहत पर भी पड़ रहा है। दोपहिया चालक, ऑटो-कैब चालक और रोज लंबी दूरी तय करने वाले लोग लगातार झटकों और लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने के कारण कमर, गर्दन और कंधे के दर्द की शिकायत कर रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार झटकों से रीढ़ पर दबाव बढ़ सकता है।

कारोबार और रोजमर्रा की जिंदगी भी हुई प्रभावित

मेट्रो कॉरिडोर के आसपास दुकानदारों का कहना है कि बैरिकेडिंग, पार्किंग की कमी और धूल के कारण ग्राहक बाजार तक पहुंचने से बच रहे हैं। कुछ व्यापारियों ने बिक्री में बड़ी गिरावट का दावा किया है। रहवासियों के लिए स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंचने का समय बढ़ गया है। बैरसिया रोड के कुछ हिस्सों में लोगों ने निर्माण को लेकर विरोध के बैनर भी लगाए हैं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि वे मेट्रो के खिलाफ नहीं हैं, उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि निर्माण जल्द पूरा हो और तब तक सड़क, ड्रेनेज और ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित रखा जाए।

रोज सफर करने वालों की परेशानी

/img/89/1787244255386

 मेट्रो बने, हमें भी सुविधा चाहिए, लेकिन अभी कमाई पर असर पड़ रहा है। जाम में एक फेरा पूरा करने में ज्यादा समय लगता है और गड्ढों के कारण ऑटो की मरम्मत का खर्च भी बढ़ गया है।

राजा, काजी कैंप

बारिश में गड्ढे पहचानना होता है मुश्किल

/img/89/1787244286931

बारिश में सड़क और गड्ढे पहचानना मुश्किल हो जाता है। बच्चों को स्कूल छोड़ना हो या बाजार जाने में पहले से दोगुना समय लगता है। धूल और ट्रैफिक से अलग परेशानी होती है।
अनोखे लाल साहू, डीआईजी बंगला

कई जगह ट्रैफिक जाम मिलता है

/img/89/1787244313952

रोज इसी रास्ते से निकलता हूं। सड़क के गड्ढों और अचानक आने वाले डायवर्जन से बाइक चलाना मुश्किल होता है। कई जगह ट्रैफिक जाम मिलता है।

ओपी साहू, चौकसे नगर

एक्सपर्ट व्यू : सांस के मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी

रहवासियों और दुकानदारों में खांसी, गले में खराश, आंखों में जलन और एलर्जी की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले में वरिष्ठ श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ. पराग शर्मा के अनुसार निर्माण से निकलने वाले सूक्ष्म धूल कण सांस की बीमारी वाले मरीजों की परेशानी बढ़ा सकते हैं। नियमित पानी का छिड़काव और मास्क का इस्तेमाल जरूरी है।

ट्रैफिक डायवर्ट किया है

​जहां-जहां मेट्रो रूट का निर्माण चल रहा है, वहां का ट्रैफिक वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया है। ट्रैफिक जाम न हो, उसका ध्यान रखा जा रहा है

बसंत कौल, एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

Latest Posts