विंध्य में आफत की बारिश-चित्रकूट में सड़कों पर चलीं नावें, रीवा के घरों में घुसा पानी

रीवा/सीधी/जबलपुर। विंध्य क्षेत्र में पिछले 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। सतना, रीवा और बैकुंठपुर में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे समूचा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब 2 मीटर ऊपर पहुंच गई है। रामघाट पूरी तरह जलमग्न हो चुका है और पुरानी लंका तिराहे पर नाव चलाने की नौबत आ गई। घाट की 100 से अधिक दुकानों में 5 फीट तक पानी भरने से व्यापारियों का भारी नुकसान हुआ है। सुरक्षा कारणों से गुप्त गोदावरी और सती अनुसुइया मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई है।
बेडरूम-किचन तक घुसा पानी
इधर, रीवा शहर में ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से नगर निगम के दावों की पोल खुल गई। बोदाबाग, लाखोरीबाग, तरहटी और शिल्पी उपवन कॉलोनी में नालियों के अभाव में पानी बेडरूम और किचन तक घुस गया, जिससे लोगों ने रातभर जागकर सामान बचाया। बैकुंठपुर के प्रमुख चौराहों सहित बस्तियों में जलभराव से संपर्क टूट गया है।
निगम की टीमें तैनात
जलभराव वाले इलाकों में निगम की टीमें तैनात हैं। पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
अक्षत जैन, निगमायुक्त, रीवा

सीधी: 100 घरों और 30 दुकानों में भरा पानी
सीधी जिले के नगर परिषद रामपुर नैकिन में बुधवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। कुछ ही घंटों की बारिश में पूरा बाजार जलमग्न हो गया और सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए। जलभराव के चलते 100 से अधिक घरों और 30 से ज्यादा दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों व रहवासियों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। गुरुवार सुबह बारिश थमने तक अस्पताल चौराहा, हनुमान मंदिर चौराहा और पुरानी बाजार पूरी तरह टापू बने रहे।
अप्रत्याशित बारिश से ये हालात
नालों की सफाई कराई गई थी, लेकिन अप्रत्याशित बारिश से यह हालात बने। प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर मौजूद रहकर पानी निकासी कराई जा रही है।
-रामकुमार साहू, अध्यक्ष, नगर परिषद रामपुर नैकिन
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सिंगरौली में बारिश से कच्चा मकान ढहा, सड़कें बनीं तालाब
सिंगरौली जिले में भी लगातार हो रही तेज बारिश के चलते कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बन गई है। नगर निगम सिंगरौली के राजीव वार्ड 39 में जल निकासी न होने से रमेश साकेत का पुराना कच्चा मकान ढह गया। गनीमत रही कि समय रहते बाहर निकल जाने से परिजन बाल-बाल बच गए, हालांकि घरेलू सामान का भारी नुकसान हुआ है। वहीं, एनटीपीसी विंध्यनगर गेट से मटबई लेबर गेट तक जाने वाली मुख्य सड़क पर आधा मीटर से ज्यादा पानी भरने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाने से कई गाड़ियां खराब हो गईं और स्कूली बच्चों व राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डिंडौरी: नर्मदा और खरमेर नदी उफान पर, स्कूलों में छुट्टी घोषित
डिंडौरी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नर्मदा और उसकी सहायक नदियों में तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने आंगनबाड़ी केंद्रों और कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। डिंडौरी-बिछिया नेशनल हाईवे पर खरमेर नदी का पुल डूबने की कगार पर पहुंचने से कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क टूट गया है और यात्री दोनों ओर फंसे हुए हैं।
बरगी बांध के 13 गेट खुले, भेड़ाघाट जलमग्न

बरगी बांध का जलस्तर बढ़ने पर बुधवार को 13 गेट खोल दिए गए। गेट औसतन 2.15 मीटर की ऊंचाई तक खोले गए हैं, जिनसे करीब 3,988 क्यूमेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा है। इनमें 5 गेट 3 मीटर, 4 गेट 2 मीटर, 2 गेट 1.5 मीटर और 2 गेट 1 मीटर खुले हैं। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा के घाटों पर जलस्तर 8 से 10 फीट तक बढ़ गया। प्रसिद्ध भेड़ाघाट और जलप्रपात पानी में डूब गए हैं। वहीं गौरीघाट की कई दुकानें और छोटे मंदिर भी जलमग्न हो गए। नर्मदा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जबलपुर के अलावा नरसिंहपुर और नर्मदापुरम जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें निगरानी कर रही हैं। लोगों और पर्यटकों से नदी-घाटों तथा निचले इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है।
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