बॉलीवुड में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो वक्त के साथ फीके नहीं पड़ते। सुशांत सिंह राजपूत उन्हीं में से एक थे। टीवी से शुरुआत कर बॉलीवुड के टॉप लेवल तक पहुंचने वाले सुशांत की कहानी आज भी लाखों युवाओं के लिए इंस्पिरेशन है। 21 जनवरी को उनकी बर्थ एनिवर्सरी है और इस मौके पर उनके फैंस उन्हें सिर्फ याद नहीं करते, बल्कि महसूस करते हैं।
सुशांत सिंह राजपूत का जन्म बिहार में हुआ था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें समझ आ गया था कि उनका दिल किताबों से ज्यादा कैमरे में बसता है। उन्होंने थिएटर और डांस से अपने सफर की नींव रखी। ये वही दौर था जब सुशांत ने तय कर लिया था कि उन्हें भीड़ का हिस्सा नहीं, बल्कि अपनी अलग पहचान बनानी है।
साल 2008 में सुशांत ने टीवी शो ‘किस देश में है मेरा दिल’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। लेकिन असली पहचान उन्हें 2009 में आए शो ‘पवित्र रिश्ता’ से मिली। इस सीरियल में ‘मानव’ का किरदार निभाकर सुशांत हर घर का हिस्सा बन गए।
अंकिता लोखंडे के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब प्यार दिया। सुशांत उस दौर में टीवी इंडस्ट्री का भरोसेमंद चेहरा बन चुके थे।
टीवी पर सफलता के बाद सुशांत ने बड़ा रिस्क लिया और बॉलीवुड की तरफ कदम बढ़ाया। साल 2013 में आई फिल्म ‘काय पो छे’ से उन्होंने फिल्मी दुनिया में एंट्री की। पहली ही फिल्म में उनका काम सराहा गया और ये साफ हो गया कि ये एक्टर लंबी रेस का घोड़ा है।
इसके बाद ‘शुद्ध देसी रोमांस’, ‘पीके’ और ‘डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी’ जैसी फिल्मों में उन्होंने खुद को हर बार नए अंदाज में साबित किया।
साल 2016 में आई फिल्म ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ सुशांत के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। महेंद्र सिंह धोनी के किरदार में सुशांत इतने रियल लगे कि लोग उन्हें भूल ही गए।
फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की और सुशांत रातों-रात सुपरस्टार बन गए। इस फिल्म ने उनके ब्रांड वैल्यू को पूरी तरह री-डिफाइन कर दिया।
धोनी के बाद सुशांत ने राब्ता, केदारनाथ, सोनचिड़िया, छिछोरे और दिल बेचारा जैसी फिल्मों में काम किया. खासकर छिछोरे ने युवाओं से सीधा कनेक्ट बनाया। सुशांत सिर्फ एक्टर नहीं थे, वो एक सोच थे जो पढ़ते थे, सीखते थे और हर रोल में खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते थे।
साल 2020 में सुशांत सिंह राजपूत के निधन की खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. मुंबई स्थित उनके घर में उनका शव मिला। पुलिस जांच में इसे आत्महत्या बताया गया, जबकि परिवार ने सवाल उठाए।
सुशांत सिंह राजपूत आज भले हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में, उनकी सोच और उनकी जर्नी आज भी लोगों को मोटिवेट करती है।
उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर यही कहा जा सकता है कुछ सितारे आसमान से जाते जरूर हैं, लेकिन दिलों में हमेशा चमकते रहते हैं।