इंदौर।
भागीरथपुरा क्षेत्र में पाइपलाइन में सीवेज का गंदा पानी मिलने से फैले संक्रमण का असर अब भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। दूषित पानी के कारण बीमार पड़ने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं मौतों का आंकड़ा भी चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। मंगलवार रात को अरविंदो अस्पताल में भर्ती एक और मरीज की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या 24 हो गई है।
मृतक की पहचान भागीरथपुरा निवासी हेमंत गायकवाड़ उर्फ बाला पिता गोविंद गायकवाड़, उम्र 51 वर्ष के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, हेमंत ने क्षेत्र में सप्लाई हो रहे दूषित पानी का सेवन किया था, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें 22 दिसंबर को परदेशीपुरा स्थित वर्मा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जहां उनका लगातार इलाज चल रहा था।
इलाज के दौरान 7 जनवरी को हेमंत की हालत और गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने स्थिति को देखते हुए उन्हें अरविंदो अस्पताल रेफर किया। वहां कई दिनों तक उपचार के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और मंगलवार रात को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन में सीवेज का पानी मिलने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। क्षेत्र में अब भी कई परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है, लेकिन हालात को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी है। रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते जल आपूर्ति व्यवस्था को ठीक किया जाता, तो कई जानें बचाई जा सकती थीं। प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी है और प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, लोगों ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों और एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।