इंदौर।
अन्नपूर्णा पुलिस ने लंबे समय से ठगी का नेटवर्क चला रहे हाईप्रोफाइल आरोपी संजय कालरा उर्फ संजय कारिरा को गिरफ्तार कर एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। आईपीएस और एसपीएस अधिकारियों को महंगे उपहार देकर रसूख बनाने वाले कालरा पर लग्जरी कारों की हेराफेरी और लोगों को आर्थिक रूप से बर्बाद करने के गंभीर आरोप हैं। आरोपी के खिलाफ जूनी इंदौर, अन्नपूर्णा, द्वारकापुरी, राजेंद्रनगर और तुकोगंज थानों में पहले से ही कई शिकायतें दर्ज हैं।
अन्नपूर्णा थाना प्रभारी अजय नायर के अनुसार केशरबाग रोड निवासी राधिका सोलंकी की शिकायत पर संजय कालरा उर्फ संजय कारिरा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। राधिका की राजवाड़ा क्षेत्र में “राधिका कलेक्शन” नाम से रेडीमेड कपड़ों की दुकान है, जबकि उनके घर के पास करीब 1500 वर्ग फीट का वाशिंग सेंटर भी स्थित है।
आरोपी ने इसी वाशिंग सेंटर को ठगी का अड्डा बना लिया। वह लोगों से लग्जरी कारें किराए पर लेता और बाद में उन्हें औने-पौने दामों पर बेचकर गायब कर देता था। जब इस हेराफेरी में फंसे लोग वाशिंग सेंटर पहुंचने लगे, तब राधिका को पूरे खेल का अंदाजा हुआ और उन्होंने आरोपी पर स्थान खाली करने का दबाव बनाया।
पुलिस कमिश्नर ने जब मामले की पृष्ठभूमि खंगाली तो सामने आया कि संजय कालरा पहले भी इसी तरह के फर्जीवाड़ों में शामिल रहा है। इसके बाद जोन-4 के डीसीपी आनंद कलादगी को आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए।
जूनी इंदौर निवासी संजय कालरा को पुलिस एक शातिर ठग मान रही है। वह आईपीएस अधिकारियों से नजदीकियां दिखाकर लोगों पर भरोसा जमाता था। महंगे मोबाइल और उपहार देकर वह अपना प्रभाव बनाता और उसी आड़ में लग्जरी कारों की हेराफेरी करता था।
पुलिस ने देर रात रोमेंद्र सिंह, इस्लाम पटेल, सुरभी गुप्ता, धर्मेंद्र कुशवाह, कृष्णा, निलेश और संतोष सहित अन्य पीड़ितों की शिकायत पर एक और मामला दर्ज कर लिया है। सभी मामलों में पुलिस गहन जांच कर रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस ठगी नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं और आरोपी के खिलाफ शिकंजा और कसा जाएगा।