सुप्रीम कोर्ट से आसाराम बापू को राहत नहीं, अंतरिम जमानत की मांग खारिज

नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए दायर अंतरिम जमानत की याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने फिलहाल उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर इस समय अंतरिम जमानत की आवश्यकता नहीं बनती।
एम्स जोधपुर की रिपोर्ट पर कोर्ट का फैसला
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एम्स, जोधपुर की मेडिकल रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट में कहा गया कि 85 वर्षीय आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की फिलहाल जरूरत नहीं है लेकिन उनकी 24 घंटे चिकित्सकीय निगरानी आवश्यक है। इसी रिपोर्ट को आधार बनाते हुए अदालत ने अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
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जरूरत पड़ने पर फिर कर सकेंगे आवेदन
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को पूरी तरह समाप्त नहीं किया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उनकी स्वास्थ्य स्थिति गंभीर होती है तो वे दोबारा अंतरिम जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं। सुनवाई के दौरान अदालत को यह भी बताया गया कि आसाराम को फिलहाल राजस्थान हाई कोर्ट से 20 दिन की पैरोल मिली हुई है।
हाई कोर्ट के फैसले को दी है चुनौती
आसाराम ने वर्ष 2013 के नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा बरकरार रखने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इसी याचिका के साथ उन्होंने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की भी मांग की थी। इससे पहले 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने एम्स जोधपुर को आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति का विस्तृत परीक्षण कर मेडिकल रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
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रेप मामले में उम्रकैद बरकरार
गौरतलब है कि राजस्थान हाई कोर्ट ने इस वर्ष मई में अपने फैसले में आसाराम को गैंगरेप और POCSO Act की कुछ धाराओं से बरी कर दिया था लेकिन दुष्कर्म के मामले में पर्याप्त साक्ष्य होने का हवाला देते हुए उनकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी थी। अब इस फैसले के खिलाफ उनकी अपील सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।












