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सोमवार की साढ़े साती - 35 साल पुराना मकान एक दिन पहले ही झूलने लगा था

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सोमवार की साढ़े साती - 35 साल पुराना मकान एक दिन पहले ही झूलने लगा था
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।
    इंदौर।  कल रात हुई मकान गिरने की घटना ने एक बार फिर 15 सितंबर (पिछले सोमवार) हुए ट्रक हादसे को फिर से दिलों में जिंदा कर दिया। उस दिन भी 7 बजे के करीब एक यमदूत बनकर आए ट्रक ने तीन व्यक्तियों की जान लेते हुए सैकड़ों को घायल कर दिया था। जिसके बाद देर रात  जवाहर मार्ग स्थित कोष्ठी मोहल्ला का एक तीन मंजिल  कमजोर नींव ने दो को जिंदा निगल गया। पड़ोसियों ने बताया मकान एक दिन पहले ही झूलने लगा था। रविवार रात ही हादसा हो जाता लेकिन मकान बाजू वाले के मकान का सहारा मिलने से नहीं गिरा और हादसा टल गया, लेकिन मकान के सेंटर में एक गलियारा बना था। इसके चलते मकान रात को यहीं से धंस गया। 
     
    सोमवार रात को 9 बजकर 45 मिनिट पर झंडा चौक के पास स्थित तीन मंजिला (जी प्लस-2) इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई। हादसे के वक्त इमारत में करीब छह परिवार मौजूद थे। इमारत गिरते ही इलाके में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। इस हादसे में 13 लोगों घायल हुए हैं और 1 की मौत हो गई है।
     
    मकान के तलघर में नाली का पानी भराता था ।
     मकान शाकिर उर्फ शंभू अंसारी का तीन मंजिल मकान था। तल मंजिल में तीन दुकानें बनी थी तो इनके नीचे तलघर था। मकान के पहले और दूसरे माले पर तीन परिवार के 17 से ज्यादा लोग रह रहे थे। मकान के ऊपर टीन शेड भी लगा रखा था। वहीं, शम्मू तल मंजिल में रहते थे। 1990 में बने इस मकान को तीस साल से ज्यादा हो चुके थे। मकान के तलघर में नाली का पानी भराता था । जिससे बारिश में मिट्टी धंसने से नींव कमजोर हो गई थी। फर्शियां भी उखडऩे लगी थी। एक महीने से मकान धंसने की स्थिति में आने लगा था। यहां दुकान का शटर पर तिरछा होकर झुकने लगा था। इसके चलते यहां दुकान चलाने वाले ने हफ्तेभर पहले ही शटर को दो इंच कटवाया था। आखिरकार मकान मालिक की लापरवाही की नतीजा वो ही निकला जो कि होना था। कल रात करीब 9.45 बजे मकान भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त मकान में 14 लोग थे। इनमें ढाई माह की बच्ची और चार साल का बच्चा भी था। हादसे के बाद क्षेत्र में चीख पुकार मच गई थी। अफरा-तफरी के बीच निगम और पुलिस-प्रशासन को सूचना दी गई। महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह और कलेक्टर शिवम वर्मा निगम अफसरों के साथ मौके पर पहुंच गए। हालांकि इनके पहुंचने से पहले ही रहवासियों ने ही सावधानी पूर्वक हथौड़ों से पत्थर की सिल्लियां हटाई और स्लैब तोड़कर छह लोगों को बाहर निकाल लिया था। 
      घायल -
    अलताफ पिता रफीउद्दीन (28),रफीउद्दीन पिता मो. उमर (60),यासिरा उर्फ अलसीफा पिता जिया (ढाई माह),नबी अहमद (7),सबिस्ता पति मो. अलताफ (28),सबीउद्दीन पिता मोहम्मद (62),सलमा बी पति रफीउद्दीन (45),आलिया अंसारी पति मो. जियाउलहक (23),शाहिदा अंसारी पति शमीउद्दीन (55),अमीनउद्दीन पिता शमिउद्दीन (40)
     
    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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