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Ayodhya Ram Mandir : भगवान राम और माता सीता के विवाह के दिन अयोध्या पहुंचेंगे 7 लाख श्रद्धालु

16 दिन बाद होने वाले आयोजन में प्रधानमंत्री फहराएंगे वाटर प्रूफ, फायर प्रूफ ध्वज
 भगवान राम और माता सीता के विवाह के दिन अयोध्या पहुंचेंगे 7 लाख श्रद्धालु
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ध्वजारोहण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मार्ग शीर्ष पंचमी तिथि को श्रीराम और सीता मैया का विवाह हुआ था इसी तिथि पर य ध्वज फहराया जाएगा। इसके लिए देशभर में आमंत्रण पत्र का वितरण शुरू हो गया है। संभावना है कि इस दिन लगभग 7 लाख श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बनेंगे। इस वर्ष श्री राम विवाह पंचमी 25 नवंबर को है। इस दिन सुबह 8 बजे से कार्यक्रम शुरू होगा, जो लगभग दो घंटे चलेगा। मंदिर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ध्वज फहराएंगे। ध्वाजारोहण के बाद श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर सकेंगे। 

    केसरिया ध्वज पर 'ॐ', कोविदार वृक्ष अंकित होगा 

    राम मंदिर के शिखर की ऊंचाई 161 फीट है। इस पर 44 फीट ऊंचा ध्वज दंड लगाया गया है। राम मंदिर के शिखर पर ध्वज लगाने के बाद इसकी कुल ऊंचाई 205 फीट होगी। ध्वज की लंबाई 22 फीट और चौड़ाई 11 फीट निर्धारित की गई है। ध्वज का वजन करीब 11 किलो है। इस ध्वज को फहराने के लिए नायलॉन की मोटी रस्सी का प्रयोग किया जाएगा। इस ध्वज में एक चक्र भी लगाया गया है। इससे यह 360 डिग्री पर घूम सकेगा। केसरिया ध्वज पर कोविदार वृक्ष, सूर्य और ॐ का चिन्ह अंकित होगा।

    तेज हवाओं में भी लहराएगा

    राम मंदिर के शिखर पर फहराए जाने वाला विशेष ध्वज अहमदाबाद में तैयार हो रहा है।ध्वज पैराशूट फैब्रिक से बना होगा, जो वाटरप्रूफ और फायरप्रूफ है। तेज हवाओं या तूफान की स्थिति में भी यह मजबूती से लहराता रहेगा। ध्वज के तीन-तीन सेट बनाए जा रहे हैं, ताकि अगर किसी कारण कोई ध्वज क्षतिग्रस्त हो जाए तो तुरंत वैकल्पिक ध्वज का उपयोग किया जा सके।

    संघ प्रमुख भागवत भी रहेंगे मौजूद

    ध्वजारोहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। ध्वजारोहण के बाद पीएम मोदी मंदिर निर्माण में लगे श्रमिकों, इंजीनियरों और ट्रस्ट पदाधिकारियों से मुलाकात कर सकते हैं। इसके अलावा वे राम दरबार, लक्ष्मण के शेषावतार मंदिर और सप्त मंदिर परकोटा का भी दर्शन कर सकते हैं। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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