इस्लामाबाद। पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर को तीनों सेनाओं का प्रमुख बनाने के लिए अपने संविधान में बदलाव करने जा रहा है। जिसके बाद अब उन्हें देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बनाया जाएगा। संसद में इसके लिए विधेयक को मंजूरी मिल गई है। यह भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की तरह होगा यह नया पद इसलिए बनाया गया है ताकि सेना, नौसेना और वायुसेना आपस में मिलकर बेहतर तरीके से मिलिट्री ऑपरेशंस करे साथ ही तीनों की कमान एक जगह से संभाली जा सके।
वहीं इससे पहले ऑपरेशन सिंदूर के बाद 20 मई को पाकिस्तानी सरकार ने आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया था। उनसे पहले साल 1959 में सैन्य तानाशाह अयूब खान ने खुद को फील्ड मार्शल घोषित कर दिया था। बता दें फील्ड मार्शल पाकिस्तान सेना में सर्वोच्च सैन्य रैंक है, जो एक फाइव स्टार रैंक मानी जाती है। यह रैंक जनरल (फोर स्टार) से ऊपर है। गौरतलब है कि पाकिस्तान में फील्ड मार्शल का पद सेना, नौसेना और वायुसेना में सबसे ऊंचा होता है।
आर्मी प्रमुख आसिम मुनीर को पिछले 6 महीने में 2 बड़ा प्रमोशन देने की तैयारी है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, पाकिस्तान में चीफ ऑफ फोर्सेस बनाने का फैसला मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई चार दिन की झड़प से मिली सीख के बाद लिया गया है। दरअसल पाकिस्तान ने महसूस किया कि जंग में तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और तुरंत एक्शन लेना आवश्यक कदम है। इसीलिए अब ऐसी यूनीफाइड कमांड सिस्टम लाई जा रही है, ताकि थलसेना, नौसेना और वायुसेना मिलकर एक साथ और तेजी से जवाब दे सकें।
पाकिस्तान की संसद के उच्च सदन सीनेट में शनिवार को 27वां संविधान संशोधन विधेयक पास किया गया। इसे फेडरल लॉ मिनिस्टर आजम नजीर तारड़ ने इसे सीनेट के सभापति यूसुफ रजा गिलानी की अध्यक्षता में उच्च सदन पेश किया था, जिसे हरी झंडी मिल चुकी है।
डॉन की मीडिया खबरों के अनुसार, 27वां संविधान संशोधन विधेयक सुप्रीम कोर्ट की ताकत पर प्रभाव डालेगा और सुप्रीम कोर्ट की शक्तियां छीन सकता है। इस विधेयक के तहत पाकिस्तान में संघीय संविधान कोर्ट (FCC) बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके पीछे पाक सरकार का तर्क है कि FCC लंबित मामलों को जल्दी निपटाने और न्यायिक बोझ कम करने में कारगार होगा। मगर, कई विशेषज्ञों के अनुसार, इससे सुप्रीम कोर्ट का अस्तित्व खतरे में आ सकता है।