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Bhopal Rajabhoj Airport:30 करोड़ में तैयार होगा भोपाल का MRO प्रोजेक्ट, टेकऑफ लैंडिंग अब होगी और आसान

भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट अब सिर्फ यात्रियों के सफर तक ही सीमित नहीं रहेगा। यहां प्रदेश का सबसे बड़ा और प्रमुख मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल (MRO) हब स्थापित किया जाएगा, जहां बोइंग, एयरबस और एटीआर जैसे विमानों की सर्विसिंग और मरम्मत की जाएगी। यह पहल मध्यप्रदेश को एविएशन उद्योग में नई पहचान दिलाने के साथ ही एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस के क्षेत्र में महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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30 करोड़ में तैयार होगा भोपाल का MRO प्रोजेक्ट, टेकऑफ लैंडिंग अब होगी और आसान
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। राजा भोज एयरपोर्ट में अब मध्य भारत का सबसे बड़ा मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) हब बनने जा रहा है। इस नए हब में बोइंग, एयरबस और एटीआर जैसे विमानों की सर्विसिंग और मरम्मत की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 25 से 30 करोड़ रुपये है और इसे 1.5 एकड़ जमीन पर विकसित किया जा रहा है, जिसमें 5,600 वर्गमीटर का हैंगर और तकनीकी ब्लॉक शामिल होंगे। एयरपोर्ट डायरेक्टर के अनुसार, इस हब का निर्माण मार्च 2026 तक पूरा होने की योजना है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद भोपाल एयरपोर्ट देश के आठ प्रमुख MRO हब में शामिल हो जाएगा, जो विमान मेंटेनेंस और ओवरहाल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    राजा भोज एयरपोर्ट बनेगा बड़ा MRO हब

    भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट अब केवल उड़ानों के लिए नहीं, बल्कि मध्य भारत का सबसे बड़ा मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) हब बनने जा रहा है। यहां बोइंग, एयरबस और एटीआर जैसे विमानों की सर्विसिंग और मरम्मत की सुविधा होगी।

    प्रोजेक्ट की लागत और निर्माण

    यह प्रोजेक्ट 25 से 30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। इसे 1.5 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। हब में 5,600 वर्गमीटर के परिसर में हैंगर और तकनीकी ब्लॉक बनाए जाएंगे। MRO सेंटर के बन जाने के बाद भोपाल एयरपोर्ट पर लाइन और बेस दोनों मेंटेनेंस सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    पूरा होने की समयसीमा

    एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार प्रोजेक्ट मार्च 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य है। पहले इसे दिसंबर 2025 तक पूरा करने का प्लान था, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से समय बढ़ाना पड़ा। इस प्रोजेक्ट पर एयरो टेक्निक कंपनी काम कर रही है।

    विमानों की मरम्मत केंद्र

    MRO HUB मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल हब। यह एक ऐसा केंद्र है जहाँ विमानों, हेलीकॉप्टरों और अन्य एयरक्राफ्ट का रख-रखाव, मरम्मत और आधुनिकीकरण किया जाता है। MRO हब में trained इंजीनियर और तकनीशियन काम करते हैं, जो एयरक्राफ्ट के इंजन, एवियोनिक्स सिस्टम, हाइड्रोलिक सिस्टम, और अन्य महत्वपूर्ण पार्ट्स की जाँच, मरम्मत और बदलने का काम करते हैं। MRO हब का मुख्य उद्देश्य यह है कि एयरलाइन अपने विमान को सुरक्षित और उड़ान योग्य बनाए रख सके। इसके माध्यम से एयरलाइन समय पर विमान उपलब्ध करवा सकती हैं, उड़ानों में देरी कम होती है और विमान की जीवन अवधि बढ़ती है। भारत में MRO हब विकसित करने का उद्देश्य घरेलू विमानन सेवा को मजबूत बनाना, विदेशी MRO सेवाओं पर निर्भरता कम करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इसके अलावा, यह विमानन उद्योग की दक्षता और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।

    देश का आठवां MRO हब

    एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने देश के आठ प्रमुख हवाईअड्डों को MRO हब बनाने के लिए भूमि आवंटित की है। अब तक दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, चंडीगढ़ और तेलंगाना में MRO हब संचालित हैं। राजा भोज एयरपोर्ट भोपाल अब देश का आठवां MRO हब बन जाएगा।

    Aditi Rawat
    By Aditi Rawat

    अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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