मुंबई। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। सुबह 9.40 बजे बीएसई बेंचमर्क इंडेक्स सेंसेक्स 273.72 अंकों की बढ़त के साथ 80,990.81 के स्तर पर और एनएसई का निफ्टी 93.00 अंकों की बढ़त के साथ 24,834.00 पर ट्रेड करता दिखा। निवेशकों के बीच यह सकारात्मक माहौल मुख्य रूप से जीएसटी काउंसिल के बड़े टैक्स कटौती फैसलों से जुड़ा है। इसके अलावा अमेरिका से आई कमजोर रोजगार रिपोर्ट ने यह उम्मीद और मजबूत कर दी है कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती करेगा। ब्याज दरों में कमी की संभावना हमेशा शेयर बाजारों के लिए एक बड़ा सहारा साबित होती है। सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो बाजार में मिला-जुला रुख रहा, लेकिन कुल मिलाकर झुकाव सकारात्मक रहा। ऑटो, मेटल, रियल्टी और ऑयल-गैस सेक्टर में तेजी देखने को मिली, जबकि फार्मा, हेल्थकेयर, एफएमसीजी और मिडकैप-स्मॉलकैप इंडेक्स दबाव में रहे। निवेशकों की रुचि इस समय उन सेक्टरों में ज्यादा है, जिनसे आर्थिक गतिविधियों और खपत में सुधार की उम्मीद है।
तकनीकी नजरिए से निफ्टी का रुझान अभी संतुलन की स्थिति में है। पिछले हफ्ते निफ्टी 50-दिन की साधारण मूविंग एवरेज (एसएमए) से नीचे फिसल गया था, जिससे यह संकेत मिला कि रिकवरी खत्म हो सकती है। लेकिन शुक्रवार को 20-दिन की एसएमए के ऊपर बंद होना यह दिखाता है कि बाजार में जोखिम उठाने की क्षमता अब भी मौजूद है और खरीदारों का उत्साह बना हुआ है। अगर निफ्टी 24,870 के स्तर को पार करने में सफल होता है तो 25,400 से ऊपर के लक्ष्य संभव हैं। दूसरी ओर, अगर यह 24,700 के ऊपर टिक नहीं पाता या 24,500 से नीचे चला जाता है, तो 24,075 यानी 200-दिन की एसएमए और 23,860 के फिबोनाची स्तर तक गिरावट की आशंका बढ़ सकती है।
शेयरों की चाल पर नजर डालें तो स्विगी में लगभग 3 प्रतिशत और टाटा स्टील में 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। स्विगी की तेजी बाजार में खपत आधारित कंपनियों के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाती है, जबकि टाटा स्टील जैसी मेटल कंपनियों में बढ़त वैश्विक कमोडिटी कीमतों और मांग में सुधार की उम्मीद से जुड़ी है। विक्रम सोलर के शेयर भी 6 प्रतिशत तक चढ़ गए हैं, क्योंकि कंपनी को एलएंडटी से 336 मेगावाट मॉड्यूल सप्लाई का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह खबर कंपनी के लिए भविष्य की आय और कारोबार विस्तार की संभावनाओं को और मजबूत बनाती है। इसी तरह, टायर निर्माता सीएटी को लेकर नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अनुमान जताया है कि कंपनी के शेयरों में 16 प्रतिशत तक की रैली हो सकती है।
दूसरी ओर, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) अभी भी बिकवाली पर जोर दे रहे हैं। अगस्त महीने में एफपीआई ने लगभग 22,789 करोड़ रुपए की भारी बिकवाली की। इसमें वित्तीय सेवाएं और आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। आंकड़ों के अनुसार, अगस्त के दूसरे पखवाड़े में एफपीआई ने 9,817 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि पहले पखवाड़े में ₹13,471 करोड़ की बिकवाली की थी। इससे यह साफ होता है कि विदेशी निवेशक वैश्विक परिस्थितियों और अमेरिकी नीतिगत सख्ती को देखते हुए भारतीय बाज़ार से फिलहाल पैसा निकाल रहे हैं। कुल मिलाकर, सोमवार को भारतीय शेयर बाज़ार ने मजबूती दिखाई है। घरेलू सुधारों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्याज दर कटौती की उम्मीदों ने सकारात्मक रुख बनाया है। हालांकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक चुनौतियां अब भी दबाव बनाए रखे हुए हैं। अगले कुछ सत्रों में निफ्टी का रुख 24,870 और 24,500 जैसे अहम स्तरों पर निर्भर करेगा।