मुंबई । भारतीय शेयर बाजार ने आज गुरुवार को सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स लगभग 365 अंकों की छलांग लगाकर 83,824 के स्तर तक पहुंच गया था, जबकि निफ्टी भी 73 अंकों की बढ़त के साथ 25,670 पर कारोबार करता दिखा। इस तेजी का मुख्य कारण एफएमसीजी और आईटी सेक्टर के शेयरों में मजबूती थी। इन क्षेत्रों में मांग बढ़ने और हाल ही में आए तिमाही नतीजों के अच्छे प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। सुबह 10 बजे के बाद बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा और सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों लाल निशान में चले गए। सेंसेक्स इस समय सेंसेक्स 57 अंक या 0.07% गिरकर 83,401 के स्तर पर आ गया है, जबकि निफ्टी 54 अंक या 0.21% फिसलकर 25,542 पर पहुंच गया। मेटल सेक्टर पर सबसे अधिक दबाव देखने को मिल रहा, जिससे बाजार की समग्र दिशा कमजोर हुई।
बीएसई इंडेक्स के आंकड़ों के अनुसार, बैंकिंग इंडेक्स (बैंकेक्स) लगभग स्थिर रहा। सेंसेक्स नेक्स्ट 50 और भारत 22 इंडेक्स में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मिड और स्मॉल कैप शेयरों पर दबाव बना हुआ है। टॉप गेनर्स में सीसीएल का शेयर 12.9% की भारी छलांग के साथ 1,001 रुपए पर पहुंच गया। रेडिंगटन 11% ऊपर, जीपीपीएल 8.7% ऊपर, शारदा मोटर्स और एस्ट्रल जैसे शेयरों में भी 5–8% की मजबूती दर्ज की गई। ये तेजी मुख्य रूप से कंपनी-विशेष खबरों और मजबूत तिमाही परिणामों की वजह से रही। वहीं, टॉप लूजर्स की सूची में सोलारा एक्टिव फार्मा का शेयर 8.7% टूटकर 563 रुपए पर आ गया। होमफर्स्ट, एफडीसी, मेडिअसिस्ट और डेह्लीवरी जैसी कंपनियों के शेयरों में भी 6–8% तक की गिरावट दर्ज हुई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने कुछ मुनाफावसूली की और कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में बिकवाली बढ़ाई।
सुबह के कारोबार के दौरान बीएसई पर 3,715 शेयरों में से केवल 1,225 बढ़त में दिखाई दे रहे हैं, जबकि 2,310 शेयरों में गिरावट है। एनएसई पर भी लगभग समान स्थिति रही जहां 2,914 शेयरों में से सिर्फ 663 शेयर बढ़त में और 2,160 गिरावट में दिख रहे हैं। यानी समग्र रूप से बाजार में नकारात्मक रुझान हावी है। बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन 468 लाख करोड़ करोड़ रुपए (लगभग 5.28 ट्रिलियन डॉलर) के करीब है। इसी तरह, एनएसई का मार्केट कैप 467.23 लाख करोड़ या 5.27 ट्रिलियन डॉलर के लगभग है। समग्र रूप से कहा जाए तो 6 नवंबर का सत्र उतार-चढ़ाव भरा रहा। शुरुआत में उत्साह और तेजी दिखी पर बाद में मुनाफावसूली और मेटल सेक्टर की कमजोरी ने बाजार को नीचे खींच लिया।