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आयकर विभाग ने ₹8,500 करोड़ का ट्रांसफर प्राइसिंग केस वापस लिया, वोडाफोन समूह को मिली बड़ी राहत

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आयकर विभाग ने ₹8,500 करोड़ का ट्रांसफर प्राइसिंग केस वापस लिया, वोडाफोन समूह को मिली बड़ी राहत

नई दिल्ली। ब्रिटिश दूरसंचार कंपनी वोडाफोन ग्रुप को भारत में एक बड़ी कानूनी राहत मिली है। आयकर विभाग ने कंपनी के खिलाफ ₹8,500 करोड़ के लंबे समय से लंबित ट्रांसफर प्राइसिंग विवाद को वापस ले लिया है। यह मामला वोडाफोन इंडिया के कॉल सेंटर व्यवसाय की बिक्री और उससे जुड़े अंतर-समूह लेनदेन से संबंधित था। यह विवाद वर्ष 2007-08 के दौरान वोडाफोन इंडिया द्वारा अहमदाबाद स्थित कॉल सेंटर व्यवसाय को हचिसन व्हाम्पोआ प्रॉपर्टीज इंडिया को बेचने और कॉल ऑप्शन अधिकारों को वोडाफोन इंटरनेशनल होल्डिंग्स बीवी को स्थानांतरित करने से जुड़ा था। आयकर विभाग ने इस सौदे को एक अंतरराष्ट्रीय लेनदेन” मानते हुए ₹8,500 करोड़ की अतिरिक्त आय जोड़ने का प्रयास किया था।

2015 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने पक्ष में सुनाया था फैसला

वोडाफोन इंडिया सर्विसेज ने विभाग के इस अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी थी, और 2015 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया था। अदालत ने कहा था कि यह लेनदेन भारतीय कानून के तहत कर योग्य नहीं है। इसके बाद आयकर विभाग ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन 2017 से यह मामला बिना किसी सुनवाई के लंबित पड़ा था। अब, आयकर विभाग ने यह मामला वापस ले लिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) बकाया पर एक विशेष राहत पैकेज तैयार करने की अनुमति दी है। वोडाफोन आइडिया पर ₹83,400 करोड़ से अधिक का एजीआर बकाया है, जिसमें ब्याज और जुर्माना शामिल है।

केस की वापसी पर वोडाफोन ने जताया संतोष

विभाग के पुराने तर्क के अनुसार, यह कहा गया था कि कॉल ऑप्शन और पुट ऑप्शन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और जब एक विकल्प लागू किया जाता है, तो दूसरा स्वतः लागू हो जाता है। विभाग ने इसे एक फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट जैसा सौदा बताया था, जिसमें ट्रांसफर प्राइस पहले से तय था। हालांकि अदालत ने यह माना कि यह लेनदेन अंतरराष्ट्रीय कराधान के दायरे में नहीं आता। वोडाफोन का हमेशा से यह कहना रहा है कि यह सौदा भारत के भीतर हुआ था और किसी विदेशी इकाई के साथ अंतरराष्ट्रीय लेनदेन की परिभाषा में नहीं आता, इसलिए उस पर ट्रांसफर प्राइसिंग टैक्स नहीं लगाया जा सकता। इस केस की वापसी पर वोडाफोन ने संतष जताया है। यह उसके लिए न केवल एक बड़ी कानूनी राहत है, बल्कि भारत सरकार और कंपनी के बीच जारी पुराने कर विवादों को समाप्त करने की दिशा में भी एक सकारात्मक पहल भी है।

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपुल्स समाचार में मुख्य उप संपादक के रूप में कार्यरत। दैनिक जाग...Read More

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