वाशिंगटन डीसी। अमेरिका के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अक्टूबर में लगातार आठवें माह गिरावट देखने को मिली। जिससे देश की औद्योगिक स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (आईएसएम) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई घटकर 48.7 पर पहुंच गया, जो सितंबर में 49.1 था। पीएमआई का 50 से नीचे रहना दिखाता है कि विनिर्माण गतिविधियों में संकुचन हो रहा है। हालांकि यह सूचकांक 42.3 के ऊपर है, जो दिखाता है कि समग्र अर्थव्यवस्था अभी भी बहुत बुरी स्थिति में नहीं है। विशेषज्ञों का अनुमान था कि अक्टूबर का पीएमआई 49.5 रहेगा, लेकिन वास्तविक आंकड़े उम्मीद से कमजोर निकले।
इस गिरावट का मुख्य कारण नए आॅर्डरों में कमी, निर्यात की कमजोर मांग और रोजगार में ठहराव बताया गया है। साथ ही, अमेरिकी सरकार द्वारा आयातित वस्तुओं पर बढ़ाए गए शुल्कों के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है और कारखानों तक कच्चा माल पहुंचने में देरी हो रही है। सप्लायरों द्वारा डिलीवरी समय बढ़ने से यह संकेत भी मिल रहा है कि उत्पादन प्रक्रिया पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, एक सकारात्मक पहलू यह है कि इनपुट लागत में वृद्धि की रफ्तार कुछ धीमी हुई है, जो आगे चलकर मुद्रास्फीति को कम करने में मदद कर सकती है।
इस बीच, अमेरिका में जारी सरकारी शटडाउन के कारण कई आर्थिक आंकड़े समय पर जारी नहीं हो पा रहे हैं, जिससे अर्थव्यवस्था की सटीक स्थिति का आकलन करना कठिन हो गया है। यह शटडाउन रिकॉर्ड समय तक चलने की कगार पर है और इससे औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति को और अस्पष्ट बना दिया है। कुल मिलाकर, अमेरिका के विनिर्माण क्षेत्र की धीमी गति संकेत देती है कि आर्थिक सुधार फिलहाल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल जो स्थिति है, उसे देखते हुए आगे भी आर्थिक संकेतकों पर दबाव बना रहना वाला है।