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मुंबई। भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मंगलवार को हल्की कमजोरी में हुई है। निवेशक अमेरिका में विनिर्माण सेक्टर के आंकड़ों, अमेरिकी-भारत व्यापार वार्ता और दूसरी तिमाही के मिश्रित नतीजों के बीच सतर्क रुख अपनाते दिख रहे है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक लगभग स्थिर खुले, लेकिन जल्द ही उनमें गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान 11.10 बजे सेंसेक्स 225.61 अंक टूटकर 83,752.88 पर और निफ्टी 82.06 अंकों की गिरावट के साथ 25,682.85 अंक पर आ गया। इसके विपरीत, सोमवार को बाजार में शुरुआत में मामूली बढ़त देखने को मिली, लेकिन बाद में मुनाफावसूली शुरू हो गई थी। कारोबार के दौरान बैंकिंग शेयरों पर दबाव देखने को मिला और बीएसई बैंकएक्स 156.81 अंकों की गिरावट के साथ 65,173.14 पर आ गया। बीएसई सेंसेक्स 50 में 0.22% की गिरावट रही, जबकि नेक्स्ट 50 में मामूली 0.07% की कमी दर्ज की गई। भारत 22 इंडेक्स में सबसे ज्यादा 0.76% की गिरावट देखने को मिली, जो सरकारी कंपनियों में निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर आज के सबसे कमजोर क्षेत्रों में से रहा। हीरो मोटोकॉर्प के शेयर 3.25% टूटकर ₹5,359 पर ट्रेड करते दिखे। बजाज ऑटो 1.58% गिरकर ₹8,782 पर, जबकि भारत फोर्ज 1.12% नीचे ₹1,325 पर रहा। मारुति सुजुकी और आयशर मोटर्स के शेयरों में भी 0.8% की गिरावट देखने को मिली। दूसरी ओर, कुछ शेयरों में आज तेजी देखने को मिल रही है। सिटी यूनियन बैंक 3.93% चढ़कर ₹245 पर पहुंचा, जबकि इंडस टावर्स में 1.98% की मजबूती रही। यस बैंक और एसएआईएल जैसे शेयरों ने भी क्रमशः 1.66% और 1.59% की बढ़त दर्ज की। वोडाफोन आइडिया, जो हाल ही में विदेशी निवेश वार्ताओं की खबरों से चर्चा में है, 0.74% की हल्की बढ़त के साथ ₹9.61 पर कारोबार करता दिख रहा है।
पावरग्रिड कॉरपोरेशन, जो बीते सत्रों में स्थिर प्रदर्शन कर रहा था, आज सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल है। कंपनी का शेयर 2.66% टूटकर ₹280.35 पर बंद हुआ। यह गिरावट सरकारी बिजली कंपनियों में कमजोर निवेश धारणा को दिखाती है। दूसरी ओर, वैश्विक बाजारों का माहौल मिश्रित रहा। जापान का टॉपिक्स इंडेक्स 0.4% ऊपर रहा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 0.2% ऊपर है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया का एस&पी/एएसएक्स 200 इंडेक्स 0.9% गिर गया और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.1% कमजोर रहा। यूरोप में शुरुआती संकेत भी नकारात्मक रहे, जहां यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में 0.2% की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका के एसएंडपी 500 फ्यूचर्स भी 0.4% नीचे कारोबार कर रहे थे, जो निवेशकों की वैश्विक जोखिम धारणा को कमजोर दर्शाता है। भारतीय बाजार में फिलहाल निवेशक इंतजार की स्थिति में हैं।
फेडरल रिजर्व के अगले ब्याज दर निर्णय और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता से जुड़ी स्पष्टता आने तक बड़ी खरीदारी की संभावना कम है। इसके साथ ही, घरेलू कंपनियों के तिमाही नतीजे मिले-जुले रहे हैं। आईटी और बैंकिंग जैसे कुछ सेक्टरों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि ऑटो और पावर जैसे क्षेत्रों में दबाव जारी है। कुल मिलाकर, बाजार में अब स्थिरता और सावधानी का माहौल है। निवेशक अक्टूबर की रैली के बाद यह देखना चाह रहे हैं कि क्या वैश्विक संकेत और नीतिगत निर्णय भारत के शेयर बाजारों में फिर से तेजी का रुख ला पाएंगे या नहीं। अगले कुछ दिन फेडरल रिजर्व के बयान, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) प्रवाह और घरेलू कॉर्पोरेट नतीजों पर बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल, आज का दिन बाजार के लिए आराम और मूल्यांकन का दिन लगता है।