सीहोर। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की अगुवाई में निकली कांवड़ यात्रा अब प्रशासनिक कार्रवाई के घेरे में आ गई है। यात्रा के दौरान बगैर अनुमति और अत्यधिक तेज आवाज में डीजे बजाने वाले सात डीजे ऑपरेटरों पर पुलिस अब कोलाहल नियंत्रण अधिनियम (Noise Pollution Act) के तहत एफआईआर दर्ज करने जा रही है। यह कार्रवाई यात्रा के दौरान उत्पन्न हुए ध्वनि प्रदूषण और अव्यवस्थाओं को लेकर की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, यात्रा के दौरान देशभर से आए कई डीजे ऑपरेटरों ने बेहद तेज वॉल्यूम में साउंड सिस्टम बजाया था। इससे न केवल कानून का उल्लंघन हुआ बल्कि कई श्रद्धालुओं को असुविधा का भी सामना करना पड़ा। हालांकि कार्यक्रम के दौरान पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना रहा, लेकिन अब जब आयोजन को लेकर सवाल उठने लगे हैं, तो पुलिस इन सात डीजे पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज करने की तैयारी में है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद यह निर्देश दिया था कि मध्यप्रदेश में कहीं भी तेज आवाज में साउंड सिस्टम नहीं बजेगा। इस निर्देश के बाद कई धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर तक हटवाए गए थे। इसी दिशा में अब सीहोर की कावड़ यात्रा में साउंड सिस्टम उल्लंघन पर भी कार्रवाई की जा रही है।
इस भव्य कांवड़ यात्रा में देशभर से दो दर्जन से अधिक डीजे शामिल किए गए थे। इनमें कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं-
प्रशासन द्वारा सात प्रमुख डीजे चिन्हित किए गए हैं जिन पर जल्द ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।
कावड़ यात्रा के आयोजन को लेकर प्रशासन पहले ही सवालों के घेरे में है। भीड़ नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के चलते तीन दिनों में सात श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद आयोजन के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
फिलहाल पुलिस सात डीजे ऑपरेटरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है। इसके बाद अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर भी जांच की संभावना जताई जा रही है।