इंदौर। साइबर अपराधियों ने अब ठगी का नया तरीका अपनाते हुए बुजुर्गों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाना शुरू कर दिया है। अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में 81 वर्षीय पेंशनधारी को आतंकवाद और फर्जी बैंक खाते के मामले में फंसाने की धमकी देकर 25 लाख रुपए हड़पने की कोशिश की गई, लेकिन बैंक अधिकारी की सजगता से बड़ी रकम सुरक्षित रह गई।
मामला स्कीम नंबर-71 स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा का है। जानकारी के अनुसार 29 जनवरी को बुजुर्ग को एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड के जरिए जम्मू-कश्मीर के एक निजी बैंक में खाता खोला गया है, जिसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। कॉलर ने यह भी कहा कि इस मामले में उनका नाम दर्ज है और जल्द ही कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
अचानक आए इस फोन से बुजुर्ग घबरा गए और ठगों की बातों में आ गए। आरोपियों ने लगातार तीन दिनों तक फोन पर संपर्क बनाए रखा और उन्हें किसी से भी बातचीत न करने की हिदायत दी। मानसिक दबाव में बुजुर्ग खुद को पूरी तरह ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी स्थिति में महसूस करने लगे।
बाद में उन्होंने घबराहट में यह बात अपनी बेटी को बताई। डर के चलते पिता-पुत्री 25 लाख रुपए की एफडी तुड़वाने बैंक पहुंचे। वहां बैंक मैनेजर आलोक देव ने दोनों की घबराहट और व्यवहार देखकर संदेह जताया। उन्होंने राशि खाते में ट्रांसफर तो करवाई, लेकिन एहतियातन तुरंत ट्रांजैक्शन पर रोक लगवा दी।