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Apollo 12 Anniversary:विज्ञान और साहस का संगम, जब इंसान ने चाँद को फिर छुआ

आज हम याद कर रहे हैं Apollo 12 मिशन को, जो 1969 में चाँद पर उतरने वाला दूसरा मानवयुक्त मिशन था। यह मिशन अपनी सटीक लैंडिंग और अद्भुत साहस के लिए इतिहास में दर्ज है।
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विज्ञान और साहस का संगम, जब इंसान ने चाँद को फिर छुआ
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    आज ही के दिन, 14 नवंबर 1969 को, Apollo 12 मिशन चांद की ओर रवाना हुआ। Apollo 12 लॉन्च की 56वीं एनिवर्सरी है। यह मिशन चांद पर उतरने वाला दूसरा मानव मिशन था। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री  चांद की सतह पर गए, नमूने इकट्ठा किए और वैज्ञानिक उपकरण लगाए।

    क्या है Apollo 12

    Apollo 12 NASA का दूसरा मानवयुक्त चंद्र मिशन था, जिसे विशेष रूप से चंद्र सतह पर वैज्ञानिक प्रयोग करने और पहले भेजे गए Surveyor III लैंडर के हिस्सों को इकट्ठा करने के लिए डिजाइन किया गया था। इसे अक्सर “The Pinpoint Mission” कहा जाता है क्योंकि यह मिशन चांद पर सटीक लैंडिंग के लिए जाना जाता है। Apollo 12 ने Apollo 11 की सफलता के बाद चंद्र अन्वेषण में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया।

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    मिशन क्रू और लॉन्च

    Apollo 12 मिशन में तीन अंतरिक्ष यात्री शामिल थे: कमांडर चार्ल्स “पिट” कोंराड, लूनर मॉड्यूल पायलट एलेन एल. बीन और कमांड मॉड्यूल पायलट रिचर्ड एफ. गॉर्डन। इसे केनेडी स्पेस सेंटर से 14 नवंबर 1969 को लॉन्च किया गया। मिशन लगभग 10 दिन तक चला और 24 नवंबर 1969 को प्रशांत महासागर में सुरक्षित रूप से लौट आया।

    लॉन्च के दौरान चुनौतिया

    Apollo 12 के लॉन्च के कुछ ही समय बाद, रॉकेट को बिजली का हमला झेलना पड़ा। लॉन्च के 36 सेकंड के भीतर, रॉकेट को एक बिजली का झटका लगा, और 52 सेकंड बाद फिर से एक और बिजली का झटका लगा। इससे कुछ इलेक्ट्रिकल सर्किट प्रभावित हुए, लेकिन चमत्कारी रूप से मिशन को रोका नहीं गया। इसके बावजूद, उड़ान जारी रही और अंततः Apollo 12 चाँद पर सफलतापूर्वक लैंड कर गया। इस घटनाक्रम में, एक फ्लाइट कंट्रोल इंजीनियर John Aaron की मदद से "SCE to AUX" स्विच का उपयोग कर सिस्टम को सही किया गया, जिससे मिशन को बचाया गया।

    चंद्र लैंडिंग और वैज्ञानिक कार्य

    Apollo 12 का लूनर मॉड्यूल “Intrepid” Moon के Ocean of Storms क्षेत्र में बेहद सटीक लैंडिंग करने में सफल रहा। Conrad और Bean ने दो EVA (चंद्र वॉक) किए और लगभग 6-8 घंटे Moon की सतह पर बिताए। उन्होंने Surveyor III के हिस्सों को इकट्ठा किया और लगभग 34 किलो चंद्र चट्टानें और मिट्टी लाए। मिशन के दौरान ALSEP (Apollo Lunar Surface Experiments Package) को Moon की सतह पर स्थापित किया गया, जिससे भूकंपीय गतिविधियों और सोलर विंड का अध्ययन किया जा सके।

    Pinpoint Precisionका प्रदर्शन

    Apollo 12 को "Pinpoint Mission" के नाम से जाना जाता है, क्योंकि इसमें चांद की सतह पर बहुत सटीक लैंडिंग की गई। Apollo 11 की सफलता के बाद, NASA ने यह दिखाने की कोशिश की कि वे भविष्य में चांद पर बहुत सटीक स्थानों पर लैंडिंग कर सकते हैं। यह इस मिशन की सबसे बड़ी सफलता थी, जिसमें न केवल चाँद पर सटीक लैंडिंग की गई, बल्कि इससे वैज्ञानिक अनुसंधान के नए द्वार भी खुले। Apollo 12 के क्रू ने चांद पर लैंडिंग के बाद दो बार EVA (Extra-Vehicular Activity) की, और कई महत्वपूर्ण प्रयोग किए।

    रोचक तथ्य

    क्रू ने मिशन के दौरान हास्यपूर्ण पल भी बिताए। उदाहरण के लिए, उन्होंने लूनर मॉड्यूल पर कैमरा सेट किया ताकि दोनों एक साथ चंद्र सतह पर तस्वीर ले सकें। उनकी चेकलिस्ट बुक्स में कार्टून और कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार Playboy centerfolds भी थे, जो मिशन में एक मजाकिया और अनौपचारिक पहलू जोड़ते थे।

    यह मिशन NASA के चंद्र अन्वेषण इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है।

    Aditi Rawat
    By Aditi Rawat

    अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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