Naresh Bhagoria
6 Feb 2026
प्रवीण श्रीवास्तव, भोपाल। हाल ही में कोरियाई लव गेम खेलने से मना करने से नाराज तीन बहनों ने आत्महत्या कर ली। लगातार ऐसे मामले और रिपोर्ट सामने आ रही हैं जिसमें कोरियन गेम्स के प्रति बच्चों में बढ़ते क्रेज के बारे में बताया गया है। कोरियन कल्चर और कोरियन एनीमे (anime) से लेकर कोरियन भोजन यानी के-फूड (K-Food) के प्रति बच्चों की दीवानगी भी बढ़ती जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बच्चों के शरीर ही नहीं ब्रेन पर भी नकारात्मक असर हो रहा है। कोरियन एनीमे से बच्चे जहां बिहेवियरल डिसऑर्डर के शिकार हो रहे हैं तो के-फूड (K-Food) से उनकी आंत, अमाशय और लिवर पर असर हो रहा है। हालात यह है कि तीन सालों में ओपीडी में इससे पीड़ित बच्चों की संख्या दस गुना तक बढ़ गई है। इसके अलावा गेम्स के मानसिक तनाव कई बच्चे आत्महत्या तक कर रहे हैं।
के-फूड यानी कोरियन खाना। इसमें इंस्टेंट नूडल्स, मसालेदार स्नैक्स, सॉस और फास्ट-फूड टाइप डिशेज शामिल होती हैं, जिन्हें कोरियन ड्रामा और एनीमे में बार-बार दिखाया जाता है। तेज स्वाद, तीखा मसाला और आकर्षक पैकिंग इसकी पहचान है।
जीएमसी की वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. रुचि सोनी बताती हैं कि इनमें रंगीन एनिमेशन के साथ फैंटेसी और काल्पनिक दुनिया दिखाई जाती है। इसमें सुपरपावर वाले किरदार, जादुई ताकतें, हिंसक फाइट सीन, बदला लेने की कहानियां और भावनात्मक ड्रामा शामिल होता है। इनमें लगातार एपिसोड, तेज म्यूजिक और अचानक मोड़ वाली कहानी होती है। यही कारण है कि बच्चे एक एपिसोड के बाद दूसरा देखते चले जाते हैं और समय का अंदाजा नहीं लगा पाते।
कोरियन ड्रामा और म्यूजिक इमोशनली जोड़ता है, रोमांस के सीन हाइपर इमोशनल होते हैं, जो असल जिंदगी में तो नहीं होते, लेकिन इससे लोगों में एक फैंटेसी क्रिएट होती है। के-ड्रामा में दिखाया गया स्लो रोमांस और इसका पब्लिक डिस्प्ले न करना, भारतीय लोगों को काफी रिलेटेबल लगता है। इन्हीं वजहों सेम्यूजिक के फैंस और के-ड्रामा को पसंद करने वाले भारतीय युवा कोरियन एक्टर्स और सिंगर्स को अपना आइडियल तक मानने लगते हैं।
भोपाल की 16 साल की गरिमा को कोरियन एनीमे इतना पसंद है कि वो बंद कमरे में 18 घंटे तक मोबाइल पर यही देखती थी। उसने खुद के बोलने का लहजा और हेयर स्टाइल तक कोरियन टून स्टार्स की तरह कर लिए। पिछले 5 महीने की काउंसिलिंग के बाद अब मोबाइल कम देखती है।
15 वर्षीय छात्रा समीक्षा कोरियन ड्रामा और एनीमे देखकर के-फूड की ओर आकर्षित हुई। वह रोजाना इंस्टेंट कोरियन नूडल्स और तीखा खाना खाने लगी। कुछ ही महीनों में उसे पेट दर्द, एसिडिटी और कमजोरी की शिकायत होने लगी। डॉक्टरों की जांच में अल्सर की बीमारी सामने आई। अब बच्ची मोबाइल छोड़ने पर चिड़चिड़ी और उदास रहने लगी थी।
के-फूड में नमक, तेल और मसाले की मात्रा अधिक होती है। लगातार सेवन से पेट दर्द, गैस, एसिडिटी और कब्ज की शिकायत बढ़ती है। आंतों और लिवर पर असर डाल सकता है। ओपीडी में पेट में अल्सर, लिवर संक्रमण से पीड़ित बच्चों की संख्या भी बढी है।
डॉ. प्रणव रघुवंशी, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट
अत्यधिक एनीमे देखने वाले बच्चों में चिड़चिड़ापन, गुस्सा, नींद की कमी, पढ़ाई में अरुचि और सामाजिक दूरी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। कई मामलों में बच्चे माता-पिता की बात मानना भी बंद कर रहे हैं और काल्पनिक किरदारों जैसी भाषा व हरकतें अपनाने लगे हैं।
डॉ. राहुल शर्मा, क्लीनिकल, साइकोलॉजिस्ट, जेपी अस्पताल
01 अगस्त 2025 : इंदौर में 13 वर्षीय बच्चे ने ऑनलाइन गेम में पैसे हारने के डर से फांसी लगाई।
31 जुलाई 2021 : छतरपुर में 13 वर्षीय कक्षा 6 के छात्र ने ऑनलाइन गेम Free Fire में 40,000 हारने के बाद आत्महत्या की।