इंदौर। लव जिहाद फंडिंग के आरोपी और 26 आपराधिक मामलों में नामजद पूर्व कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ डकैत को भले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल गई हो, लेकिन जेल से बाहर कदम रखने से पहले ही उसके नाम की दहशत शहर में फिर दिखने लगी है। शहर के प्रसिद्ध श्री गोवर्धननाथ मंदिर में एक महिला द्वारा खुलेआम अभद्रता, गाली-गलौज और धमकी का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला पूर्व पार्षद अनवर कादरी उर्फ डकैत का नाम लेकर मंदिर परिसर में लोगों को डराने-धमकाने का काम कर रही है।
मामले से परेशान होकर गोवर्धननाथ मंदिर प्रबंधन ने पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह और मल्हारगंज थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी है। मंदिर समिति का कहना है कि हजारों कृष्णभक्त रोजाना इस मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन महिला के उत्पात और धमकियों से श्रद्धालुओं में भय का माहौल बन गया है।
मल्हारगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले इस प्रसिद्ध मंदिर में मंजू शर्मा नामक महिला द्वारा लगातार शांति भंग किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। मंदिर प्रबंधन द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि महिला भीड़ में धक्का-मुक्की करती है, गंदे और अभद्र शब्दों का प्रयोग करती है और विरोध करने पर पूर्व पार्षद अनवर कादरी (डकैत) का नाम लेकर धमकाती है। महिला खुलेआम कहती है कि उसके अनवर कादरी से अच्छे संबंध हैं और वह किसी को भी “निपटा” सकती है।
इतना ही नहीं, मंदिर के मुख्य मार्ग और गेट के पास महिला द्वारा सब्जी वालों को बैठाकर रास्ता जाम कर दिया जाता है, जिससे श्रद्धालुओं को आने-जाने में भारी परेशानी होती है। जब मंदिर प्रबंधन उसे हटाने की कोशिश करता है तो महिला और अधिक उग्र होकर गाली-गलौज करती है और दबंगई दिखाती है। मंदिर समिति ने पुलिस से इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लव जिहाद फंडिंग का आरोपी है कादरी
गौरतलब है कि अनवर कादरी का नाम जून 2025 में सामने आए लव जिहाद के एक सनसनीखेज मामले में सामने आया था। बाणगंगा थाना क्षेत्र की एक युवती ने साहिल शेख और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। युवती ने आरोप लगाया था कि साहिल ने उसे प्रेमजाल में फंसाकर शारीरिक शोषण किया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। शिकायत में बुर्का पहनने के लिए मजबूर करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए थे।
जांच में कादरी बना मुख्य आरोपी
पुलिस जांच के दौरान साहिल शेख ने बयान दिया था कि इस तरह की गतिविधियों के लिए अनवर कादरी उर्फ डकैत के माध्यम से दो लाख रुपये की फंडिंग की जाती थी। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने अनवर कादरी को मुख्य आरोपी बनाया और उसके खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया।