Naresh Bhagoria
5 Feb 2026
सागर। शाहगढ़ नगर में बुधवार की रात अस्पताल के गेट पर नर्स की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। रात करीब 8 बजे हुए हत्याकांड से लोग सकते में आ गए। शाहगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने वाला युवक मृतका नर्स का ही मौसेरा भाई है। वह मृतका से एकतरफा प्यार करता था। पुलिस के जांच में सामने आया है कि आरोपी युवक मृतका दीपशिखा चढ़ार (25) से मिलने शाहगढ़ पहुंचा। वह नर्स दीपशिखा के अस्पताल आने का इंतजार कर रहा था। दीपशिखा अस्पताल से करीब 200 मीटर दूर स्थित एक मकान में किराए से रहती थी। जैसे ही वह घर से अस्पताल के लिए निकली, उसी दौरान युवक सुशील आठ्या ने उससे बात करने की कोशिश की। लेकिन दीपशिखा उससे बात किए बिना अस्पताल गेट की तरफ बढ़ गई। इससे नाराज सुशील ने दीपशिखा पर 3 राउंड फायर किए। जिसमें पहले राउंड में वह जैसे-तैसे बची, लेकिन दूसरे और तीसरे राउंड ने उसकी जीवनलीला खत्म कर दी। पीठ में गोली लगने से लहुलुहान नर्स अस्पताल गेट के नजदीक गिर गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक मौके से भाग गया। गोली की आवाज सुन अस्पताल एवं आसपास के लोग एकत्रित हो गए। वही कुछ दुकानदारों ने जब युवक को भागते देखा तो उसका पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वह अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया।
अस्पताल में सुरक्षा के मुद्दे पर परिजनों ने किया चक्काजाम
इस घटना की जानकारी के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। पंचनामा कार्यवाही करने के बाद मृतका का शव पीएम के लिए भेज दिया। वहीं हत्याकांड के विरोध में मृतका के परिजनों ने शाहगढ़ नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद किसी तरह परिजन माने। इस मामले में पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में लगी है। वही चक्काजाम कर रहे लोगों का कहना था कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था दुरूस्त नहीं है। इस कारण यहां कम से कम 2 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाए। अगर सुरक्षा होती तो हत्या की वारदात नहीं हो सकती थी।
मृतका नर्स अकेली अकेली थी अपने परिवार में कमाने वाली
यह भी पता चला है कि नर्स से एकतरफा प्यार करने वाला सुशील पनागर का रहने वाला है। वही युवती पाटन की है। वह काफी समय से दीपशिखा से शादी करने उसके पीछे लगा था। लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं थी, जिससे आरोपी नाराज था। ऐसे में किसी भी हालत में नर्स से मिलने घटना के दिन पनागर से शाहगढ़ आया था। बावजूद जब दीपशिखा से अनबन हुई और उसने बात तक नहीं की, तो उसने इस तरह की जघन्य वारदात को अंजाम दिया। दीपशिखा करीब 2 वर्ष पूर्व शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ थी। उसके परिवार में माता पिता के अलावा उसकी एक छोटी बहन है। वह सभी अपने पैतृक ग्राम पाटन में रहते है। दीपशिखा से मिलने उनके पिता कई बार शाहगढ़ भी गए। पुलिस ने आरोपी सुशील को पकड़ने दबिश देना शुरू कर दिया है। इसके लिए पुलिस टीम उसके पनागर निवास पर भी पहुंच गई है।
दीपशिखा की नौकरी लग गई, लेकिन सुशील बेरोजगार ही रहा
एक साथ र्नसिंग का कोर्स करने के बाद दीपशिखा की नौकरी लग गई। लेकिन सुशील की नौकरी नहीं लग पाई। वह दीपशिखा को फोन कर शादी करने दबाव बना रहा था, जिससे नाराज होकर उसने सुशील से बात करना बंद कर दिया। तभी से वह उससे नाराज रहने लगा। लगातार परेशान करने पर दीपशिखा ने इसकी शिकायत पाटन पुलिस थाना में की थी। तब सुशील ने आगे से उसे परेशान नहीं करने की बात कही। इसके बाद दीपशिखा के परिजन भी मान गए और विवाद आगे नहीं बढ़ा। हालांकि आरोपी अपनी आदतों से बाज नहीं आया।
हत्यारे मौसेरे भाई को पकड़ने लगातार छापेमारी जारी
दीपशिखा चढ़ार जबलपुर के पाटन की रहने वाली थी। वह पिछले 2 वर्ष से शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में नर्स के पद पर पदस्थ थी। उसके मौसेरे भाई सुशील आठया निवासी पनागर ने एकतरफा प्यार के चलते इस घटना को अंजाम दिया है। आरोपी को पकड़ने पुलिस टीम गठित की गई है, जोकि लगातार छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही हत्या के आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
-डॉ. संजीव उइके, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सागर