डिंडौरी। जिला अस्पताल से जबलपुर रेफर किए गए एक सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी की गुरुवार को रास्ते में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो जाने के कारण उनकी जान गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने जिला अस्पताल के सामने सड़क पर बैठकर हंगामा और धरना प्रदर्शन किया। मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविंद्र कुमार मरावी सिविल लाइन वार्ड क्रमांक 5, डिंडौरी के निवासी थे। वे अमरपुर विकासखंड के धनवासी गांव स्थित पशु औषधालय में पदस्थ थे। बुधवार शाम अल्सर की शिकायत पर उन्हें जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। गुरुवार सुबह करीब 6.30 बजे डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताते हुए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था।
परिजन लाल कृष्ण मार्को ने बताया कि मरीज रविंद्र कुमार को जननी एक्सप्रेस वाहन से भेजा गया और ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए ढाई हजार रुपए भी जमा कराए गए थे। आरोप है कि कुंडम से लगभग दस किलोमीटर पहले ही ऑक्सीजन खत्म हो गई और एंबुलेंस में कोई अटेंडर मौजूद नहीं था। मरीज की मौत के बाद शव वापस जिला अस्पताल लाया गया, जहां परिजनों ने लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तहसीलदार आरपी मार्को और निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया गया था। मौत का वास्तविक कारण जांच और पीएम रिपोर्ट के आने के बाद ही पता चल पाएगा। इस मामले में यदि परिजनों को कोई शंका है, तो वे बाहर से डॉक्टर बुलाकर पोस्टमॉर्टम करा सकते हैं। इस मामले में रिपोर्ट आने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
योगेंद्र उईके, सहायक प्रबंधक, जिला अस्पताल, डिंडौरी