Saphala Ekadashi 2025:15 दिसंबर को रहें सावधान! एक गलती और नाराज हो सकते हैं हरि

सफला एकादशी 2025 का दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा पाने का अवसर है। पौष मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली यह एकादशी हजारों वर्षों की तपस्या के समान फल देने वाली मानी जाती है। लेकिन इस दिन कुछ छोटी-सी गलतियां व्रत का पूरा फल खत्म कर सकती हैं।
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15 दिसंबर को रहें सावधान! एक गलती और नाराज हो सकते हैं हरि
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पौष मास की ठंडी सुबह, दीपक की लौ और तुलसी की खुशबू यहीं से शुरू होता है सफला एकादशी का वो दिन, जिसे शास्त्रों में सफलता का प्रवेश द्वार माना गया है। हिंदू धर्म में सफला एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। यह एकादशी हर साल पौष मास के कृष्ण पक्ष में आती है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता आती है। मान्यता है कि सफला एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को हजारों वर्षों की तपस्या के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है।

    इस वर्ष सफला एकादशी 15 दिसंबर 2025, सोमवार को मनाई जाएगी। वहीं, साल की अंतिम एकादशी यानी पुत्रदा एकादशी 30 दिसंबर को पड़ेगी। इन दोनों दिनों में माता तुलसी से जुड़े कुछ उपाय करने से विशेष लाभ मिलता है।

    पौष मास और तुलसी का महत्व

    पौष मास को हिंदू पंचांग में बहुत शुभ माना गया है। इस महीने में सूर्य देव और माता तुलसी की पूजा का विशेष महत्व है। तुलसी की उपासना से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और मानसिक शांति बनी रहती है। माना जाता है कि तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं।

    एकादशी पर तुलसी से जुड़े जरूरी उपाय

    • एकादशी के दिन तुलसी को जल नहीं देना चाहिए।
    • इस दिन तुलसी की जड़ से थोड़ी सी सूखी मिट्टी लेकर माथे पर तिलक करना शुभ माना जाता है।
    • व्रत समाप्त होने के बाद द्वादशी के दिन तुलसी और चावल का दान करना अत्यंत फलदायी होता है।
    • तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना घर में सुख-शांति लाता है।

    तुलसी तोड़ते समय रखें ये सावधानियां

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ दिनों में तुलसी तोड़ना वर्जित होता है। इन दिनों तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए- 

    • रविवार
    • एकादशी और द्वादशी
    • पूर्णिमा और अमावस्या
    • ग्रहण और सूर्य संक्रांति
    • इसके अलावा, सूर्यास्त के बाद, बिना स्नान, या अशुद्ध अवस्था में तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए।

    सफला एकादशी पर क्या न करें

    • इस दिन क्रोध, झगड़ा और नकारात्मक बातें करने से बचें।
    • व्रती को दिन में नहीं सोना चाहिए।
    • एकादशी पर चावल और तामसिक भोजन वर्जित होता है।
    • बाल कटवाना और दिन में झाड़ू लगाना भी अशुभ माना गया है।

    सफला एकादशी पर क्या करें

    • दशमी तिथि से ही सात्विक भोजन और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
    • एकादशी के दिन सुबह स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा करें।
    • विष्णु मंत्रों का जाप और व्रत कथा का पाठ करें।
    • रात में भजन-कीर्तन या जागरण करना शुभ माना जाता है।
    • व्रत का पारण द्वादशी तिथि को विधि-विधान से करें।

    भोग में बनाएं मखाने की खीर

    एकादशी के दिन भगवान विष्णु को मखाने की खीर का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है। खीर में चीनी की जगह गुड़ का उपयोग करें। मखाना कमल से जुड़ा होता है, जो माता लक्ष्मी को प्रिय है। इससे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सफलता आती है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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