Naresh Bhagoria
1 Feb 2026
तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति साफ करनी शुरू कर दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने संकेत दिया है कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) राज्य के लिए एक विस्तृत विज़न डॉक्यूमेंट लाने जा रहा है। जिससे पार्टी वोटर्स को साधने हो सकती है। हालांकि विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी को इस बार भाजपा से कड़ी टक्कर मिल सकती है।
वहीं आगे थरूर ने कहा कि इस विज़न डॉक्यूमेंट में विकास, रोजगार और अवसर बढ़ाने से जुड़े ठोस प्रस्ताव शामिल होंगे। इसे UDF की चुनावी रणनीति का मुख्य आधार बनाया जाएगा। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि केरल में जनता के सामने सिर्फ सरकार विरोधी मुद्दे रखने के बजाय, एक स्पष्ट और भविष्य के मद्देनजर रोडमैप पेश करना जरूरी है। इसी के तहत UDF आने वाले दिनों में अपने विज़न डॉक्यूमेंट के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था, युवाओं के रोजगार और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर फोकस करेगा।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस दस्तावेज के जरिए कांग्रेस और UDF गठबंधन केरल के मतदाताओं को यह संदेश देना चाहता है कि वह राज्य के लिए स्पष्ट नीति और दीर्घकालिक योजना के साथ चुनावी मैदान में उतर रहा है।
नई दिल्ली में बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) का संदेश बिल्कुल साफ है जो समृद्ध केरल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास शासन का लंबा अनुभव है और पार्टी केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर सरकार चला चुकी है। इसी अनुभव के आधार पर जनता के सामने विकास का रोडमैप रखा जाएगा।
थरूर ने राज्य की मौजूदा सत्तारूढ़ वाम मोर्चा (LDF) सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कई भ्रष्टाचार मामलों के चलते जनता का भरोसा कमजोर हुआ है। वहीं, भाजपा पर परोक्ष हमला करते हुए उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टी समाज को बांटने वाली राजनीति करती है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यूडीएफ आगामी विधानसभा चुनाव विकास और सुशासन के मुद्दों पर लड़ेगा।
हाल ही में शशि थरूर ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता विपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी। यह बैठक उनकी नाराजगी को लेकर चली आ रही अटकलों के बाद हुई। बैठक के बाद थरूर ने कहा कि अब सब कुछ ठीक है और सभी नेता एकजुट सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
इससे पहले कोच्चि में एक कार्यक्रम के दौरान उनके साथ व्यवहार और उन्हें किनारे करने की कोशिशों को लेकर भी चर्चा हुई थी, जिसने पार्टी के भीतर मतभेद की अटकलों को हवा दी थी।
