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Budget 2026 :निर्मला सीतारमण का राहुल गांधी पर पलटवार, कहा- ....तो मैं जवाब देने को तैयार हूं

केंद्रीय बजट पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की प्रतिक्रिया पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि 'अगर आप राजनीतिक रूप से आलोचना करना चाहते हैं... तो आपका स्वागत है, लेकिन अगर आप मुझे अपने तर्क के आधार पर तथ्य बताना चाहते हैं, तो मैं सुनने और जवाब देने के लिए तैयार हूं।'
निर्मला सीतारमण का राहुल गांधी पर पलटवार, कहा- ....तो मैं जवाब देने को तैयार हूं
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है और बजट समाज के सभी वर्गों की जरूरतों को पूरा करता है। सीतारमण ने कहा, 'हम गरीबों, दुर्गम इलाकों या ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों तक पहुंच रहे हैं। अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे मजबूत बने हुए हैं और यह बात आर्थिक समीक्षा में भी स्पष्ट हो गई है। तो, अगर आप राजनीतिक रूप से आलोचना करना चाहते हैं... तो आपका स्वागत है, लेकिन अगर आप मुझे अपने तर्क के आधार पर तथ्य बताना चाहते हैं, तो मैं सुनने और जवाब देने के लिए तैयार हूं।

    अर्थव्यवस्था और उसकी बुनियाद मजबूत

    मीडिया ने जब राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बारे में  पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि राहुल गांधी किन चीजों को दुरुस्त करने की बात कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था और उसकी बुनियाद मजबूत है। वैश्विक अनिश्चितता हमारे कई क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है, जिनके लिए हमने लघु एवं मध्यम उद्यमों, वस्त्र उद्योग, चमड़ा उद्योग... किसानों और महिला उद्यमियों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।  उन्होंने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि सरकार इन तरीकों से आम लोगों तक पहुंच रही है और उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित कर रही है। वित्त मंत्री लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा 'एक्स' पर एक पोस्ट में की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रही थीं। 

    राहुल गांधी ने लिखा-सभी को नजरअंदाज किया गया

    इससे पहले राहुल गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'युवाओं के पास नौकरी नहीं है, विनिर्माण गिर रहा है, निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं, घरेलू बचत घट रही है, किसान संकट में हैं, आसन्न वैश्विक झटके, सभी को नजरअंदाज कर दिया गया।' उन्होंने दावा किया कि यह एक ऐसा बजट, जिसमें चीजों को दुरुस्त करने के बजाय वास्तविक संकटों से आंख मूंद ली गई। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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