हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को नर्मदा जयंती मनाई जाती है। यह दिन मां नर्मदा को समर्पित होता है। इस अवसर पर साधक नर्मदा नदी और उसकी सहायक नदियों में स्नान, ध्यान, पूजा, जप-तप और दान-पुण्य करते हैं। नर्मदा जयंती के दिन परिक्रमा यात्रा का समापन भी होता है और श्रद्धालु भगवान ओंकारेश्वर का अभिषेक करते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, नर्मदा नदी में स्नान करने से शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। पापों से मुक्ति (Mokshadayini Narmada) होती है। इस दिन देश-दुनिया से श्रद्धालु अमरकंटक नर्मदा नदी में स्नान के लिए आते हैं।
वैदिक पंचांग के अनुसार, 25 जनवरी को नर्मदा जयंती मनाई जाएगी।
सप्तमी तिथि शुरू : 25 जनवरी, देर रात 12:39 बजे
सप्तमी तिथि समाप्त : 25 जनवरी, देर रात 11:10 बजे
ब्रह्म मुहूर्त - 05:26 ए एम से 06:19 ए एम
प्रातः सन्ध्या - 05:53 ए एम से 07:13 ए एम
अभिजित मुहूर्त - 12:12 पी एम से 12:55 पी एम
विजय मुहूर्त - 02:21 पी एम से 03:03 पी एम
गोधूलि मुहूर्त - 05:52 पी एम से 06:19 पी एम
सायाह्न सन्ध्या - 05:54 पी एम से 07:14 पी एम
अमृत काल - 11:15 ए एम से 12:49 पी एम
निशिता मुहूर्त - 12:07 ए एम, जनवरी 26 से 01:00 ए एम, 26 जनवरी
रवि योग - 07:13 ए एम से 01:35 पी एम
सर्वार्थ सिद्धि योग - 01:35 पी एम से 07:12 ए एम, 26 जनवरी
ज्योतिषियों के अनुसार इस दिन कई मंगलकारी योग बन रहे हैं।
इन योगों में स्नान, ध्यान और मां नर्मदा की पूजा करने से-