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रफा में 2 इजराइली सैनिकों की हत्या के बाद टूटा युद्ध-विराम, इजराइली सैनिकों ने गाजा पर किए हवाई हमले, 45 लोगों की मौत

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बीती 10 अक्टूबर को युद्ध विराम लागू होने के बाद रविवार को लोगों ने गाजा में हमलों का सबसे घातक दिन देखा।

गाजा सिटी। रफा में दो इजराइली सैनिकों के मारे जाने के बाद गाजा पट्टी में एक बार फिर से हिंसा भड़क उठी है। इसकी वजह से इजरायल और हमास के बीच हाल ही में हुआ युद्धविराम समझौता संकट में आ गया है। दोनों के बीच संघर्षविराम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में एक सप्ताह पहले ही लागू किया गया है। लेकिन कुछ ही दिनों में फिर स्थितियां बेकाबू होती दिख रही है और युद्धविराम संकट में पड़ गया है। रविवार को स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने गाजा में कई हवाई हमले किए। इजराइल ने ये हमले दक्षिणी शहर रफा में दो इजरायली सैनिक मारे जाने की प्रतिक्रिया में किए। इन हमलों में 45 लोगों के मारे जाने की खबर है। इजरायल ने इजराइली सैनिकों के मारे जाने का दोष हमास पर लगाया है, जबकि हमास ने इसकी जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है।

विटकॉफ और जैरेड कुशनर फिर से क्षेत्र में पहुंचे

हमास ने कहा मार्च से संचार कट जाने के बाद उसका उस क्षेत्र के लड़ाकों से कोई संपर्क नहीं है। इस हमले के बाद इजराइल ने गाजा को भेजी जाने वाली राहत सहायता अस्थायी रूप से रोक दी है। हालांकि, अमेरिकी दबाव के कारण यह युद्धविराम अभी पूरी तरह नहीं टूटा है। सोमवार को इजरायल ने गाजा के साथ अपने क्रॉसिंग पॉइंट्स को फिर से खोल दिया है, जिससे यह संकेत मिला कि अमेरिका और अन्य मध्यस्थ देश स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अब स्पष्ट हो गया है कि युद्धविराम को बनाए रखने के लिए निरंतर राजनयिक हस्तक्षेप और वार्ता जरूरी है। इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर फिर से क्षेत्र में पहुंच चुके हैं, जबकि हमास के प्रतिनिधि मिस्र के मध्यस्थों और अन्य फिलिस्तीनी गुटों के साथ काहिरा में बातचीत कर रहे हैं।

ट्रंप की शांति योजना के दूसरे चरण पर शुरु हुई चर्चा

चर्चा का केंद्र ट्रंप की 20-बिंदु वाली शांति योजना का दूसरा चरण है। इसमें गाजा में अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती, धीरे-धीरे इजरायली सेना की वापसी और अंततः हमास का निरस्त्रीकरण की शर्तें शामिल हैं। हालिया हिंसा ने दोनों पक्षों को गहराई से झकझोर दिया है। खान यूनिस में अपने 14 वर्षीय बेटे मोहम्मद के अंतिम संस्कार में पिता शदी अबू ओबेद ने कहा युद्ध की शुरुआत से मैं उसके साथ हर पल था, लेकिन युद्धविराम के बाद मुझे थोड़ा भरोसा हुआ और मैंने उसे दोस्तों के साथ बाहर जाने दिया। मुझे लगा अब सब सुरक्षित है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी गई थी। मगर मोहम्मद की मौत इजरायली हमले में हो गई, जब अल-मवासी इलाके में एक तंबू पर बम गिरा।

गाजा में शांति की उम्मीद फिलहाल दूर का सपना

स्थानीय अस्पतालों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 45 फिलिस्तीनी मारे गए। इजरायली सेना का कहना है कि उसने हमास के दर्जनों आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की, लेकिन विभिन्न स्थानों से आई तस्वीरों में कई नागरिक, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, मारे गए दिखे। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, हमास के सैन्य विंग के कई सदस्य, जिनमें एक कमांडर भी शामिल था, एक अस्थायी कैफे पर हुए हमले में मारे गए है। कुल मिलाकर, यह हिंसा इस बात की याद दिलाती है कि गाजा में शांति की उम्मीद अब भी दूर का सपना है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिका और क्षेत्रीय मध्यस्थ इस नाजुक शांति को स्थायी रूप दे पाते हैं या गाजा एक बार फिर संघर्ष की आग में झुलसने को मजबूर हो जाएगा।

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपुल्स समाचार में मुख्य उप संपादक के रूप में कार्यरत। दैनिक जाग...Read More

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