Naresh Bhagoria
19 Jan 2026
वॉशिंगटन डीसी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत दौरा चर्चाओं में है। जिस पर दुनियाभर की नजर टिकी हुई है। लेकिन इस दौरे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन भी बढ़ी है। इसी बीच अमेरिका ने नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रेटेजी जारी की है। इस स्ट्रेटेजी में भारत के साथ संबंधों को बेहतर करने पर काम किया गया है। साथ ही साउथ चाइना सी में चीन के खिलाफ अकेले मोर्चा संभालने के बजाए भारत और जापान जैसे देशों के साथ सहयोग करने के लिए कहा गया है।
ट्रंप प्रशासन की ओर से जारी 33 पन्नों के नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रेटेजी में यूरोपीय देशों पर जमकर खरी-खोटी सुनाई गई है। इसमें लिखा गया कि, 'यूरोपीय देश लोकतंत्र नष्ट कर रहे हैं और यूक्रेन में शांति लाने के खिलाफ आगे बढ़ रहे हैं। यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के अमेरिकी प्रयासों को यहां के अधिकारी विफल कर रहे हैं।
नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रेटेजी में चीन की ताकत और चुनौती पर बाच की गई। इसमें बताया गया कि चीन एक आर्थिक चुनौती के रूप में उभर रही है। इधर वाशिंगटन चीन के साथ अमेरिका के आर्थिक संबंधों को पुनः संतुलित करेगा और अमेरिकी आर्थिक स्वतंत्रता को बहाल करने के लिए पारस्परिकता और निष्पक्षता को प्राथमिकता देगा। इसमें यह भी कहा गया है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में युद्ध रोकने वाले उपायों पर भी मजबूत और निरंतर ध्यान दिया जाना चाहिए।