पेरू में GenZ का प्रदर्शन तेज, 1 की मौत और 100 घायल, सत्ता पर लगातार हावी हो रहे युवा

लीमा। साउथ अमेरिकी देश पेरू में GenZ का भ्रष्टाचार को लेकर प्रदर्शन उग्र हो गया है। प्रदर्शन में गुरुवार को एक युवा की मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों में 80 पुलिस कर्मी सहित 10 पत्रकार भी शामिल हैं। इतना ही नहीं प्रदर्शन के दौरान GenZ कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में हजारों युवाओं ने नए राष्ट्रपति जोस जेरी के इस्तीफे की मांग की है। हालांकि, राष्ट्रपति जेरी ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया। जेरी 10 अक्टूबर को सत्ता में आए थे, जब संसद ने पूर्व राष्ट्रपति दीना बोलुआर्ते को हटा दिया था।
बता दें जेन जेड के हिंसक प्रदर्शन ने अब तक एक महीने में तीन देशों में बड़े तख्तापलट किए हैं। इनमें नेपाल, मेडागास्कर और पेरू शामिल हैं।
पेंशन सुधार और वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन
GenZ 'कार्यकर्ता’ का यह विरोध प्रदर्शन एक महीने पहले युवाओं के लिए बेहतर पेंशन और वेतन की मांग को लेकर शुरू हुआ था। हालांकि अपराध, भ्रष्टाचार तथा अपनी सरकार के साथ दशकों से जारी मोहभंग से थक चुके पेरू के नागरिकों की समस्याओं को उजागर करने के लिए यह विरोध प्रदर्शन दिन आए दिन बढ़ता गया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि हिंसक प्रदर्शन में 100 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 80 पुलिस अधिकारी और 10 पत्रकार शामिल हैं।
हिंसक प्रदर्शन में रैपर की मौत
वेतन की मांग सहित भ्रष्ट सत्ता के खिलाफ शुरू हए प्रदर्शन में 32 साल के रैपर और प्रदर्शनकारी एडुआर्डो रूइज की गोली लगने से मौत हुई। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो फुटेज में दिखा कि एक व्यक्ति भीड़ से भागते हुए गोली चलाता है, जिससे रूइज गिर पड़ते हैं। गवाहों ने कहा कि हमलावर एक पुलिसकर्मी था। वहीं प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने 'जेरी बलात्कारी है' जैसे नारे लगाए। गुस्साई भीड़ ने आगजनी भी की, जबकि पुलिस ने आंसू गैस और रबर की गोलियां दागी। पेरू के लोग पिछले कई दशकों से भ्रष्टाचार और नेताओं की नाकामी से परेशान हैं।
पेंशन योजना में क्या हुए बदलाव
दरअसल पेरू में आर्थिक असुरक्षा, बढ़ता अपराध और जवाबदेही की कमी ने युवाओं को नाराज किया है। वहीं साल 2022 में पूर्व राष्ट्रपति पेद्रो कास्तिलो को हटाए जाने और गिरफ्तार किए जाने के बाद, सुरक्षाबलों की कार्रवाई में दर्जनों प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी। इस पर सरकार सवालों के घेरे में थी। बता दें पेरू सरकार ने हाल ही में पेंशन सिस्टम में बदलाव किया है। पहले लोग चाहें तो पेंशन योजना से जुड़ सकते थे, लोगों के लिए यह अनिवार्य नहीं था। लेकिन अब सरकार ने नियम बना दिया है कि पेरू के जो भी नागरिक 18 साल की उम्र पूरी कर लेगा, उसे किसी न किसी पेंशन प्रदाता कंपनी या संस्था से जुड़ना होगा। यानी कोई भी इस सिस्टम से बाहर नहीं रह सकता।
प्रदर्शनकारियों की नाराजगी की वजहें
- दरअसल प्रदर्शकारियों की लगता है कि यह जबरन वसूली है।
- वहीं कुछ युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही, ऐसे में उनकी चिंता है कि वे पेंशन के लिए पैसे कहां से जमा करेंगे।
- पेंशन प्रदाता संस्थाओं में पहले से ही भ्रष्टाचार और पारदर्शिता की कमी की काफी शिकायतें हैं।
- नागरिक चाहते हैं कि यह उनकी इच्छा पर निर्भर हो, लेकिन मजबूरी न बने।
- पेरू के लोग चाहते हैं कि सरकार को रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए, न कि जबरन पेंशन योजना थोपनी चाहिए।




















