वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका में गुरुवार को F-16 Fighter Jet दक्षिणी कैलिफोर्निया के ट्रॉना शहर के रेगिस्तान में क्रैश हो गया। हादसे के कुछ ही सेकंड पहले पायलट ने इजेक्शन सीट का इस्तेमाल कर सुरक्षित बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। विमान जमीन से टकराते ही आग का गोला बन गया और आसमान में काले धुएं का गुबार फैल गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में पायलट को पैराशूट के सहारे जमीन पर उतरते हुए देखा जा सकता है।
हादसा ट्रेनिंग मिशन के दौरान हुआ। अमेरिकी वायुसेना की एलीट थंडरबर्ड्स डेमोंस्ट्रेशन टीम ने नियमित अभ्यास के दौरान यह मिशन शुरू किया था। एयरपोर्ट से लगभग तीन किलोमीटर दूर विमान क्रैश हुआ। स्थानीय फायर ब्रिगेड ने घटनास्थल पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। पायलट को मामूली चोटें आई हैं, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
F-16C फाइटिंग फाल्कन विमान ने लॉस एंजिल्स से करीब 290 किलोमीटर उत्तर में स्थित मोजावे रेगिस्तान के ट्रॉना क्षेत्र में ट्रेनिंग मिशन के दौरान नियंत्रण खो दिया। अधिकारियों के अनुसार, सुबह छह थंडरबर्ड्स जेट उड़ान भरने के बाद सिर्फ पांच ही सुरक्षित लौटे। क्रैश की वजह अभी जांच के दायरे में है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट में पायलट ने बताया कि विमान का नियंत्रण अचानक छूट गया।
F-16 Fighter Jet को दुनिया के सबसे भरोसेमंद मल्टी-रोल फाइटर जेट में गिना जाता है। इसे 1970 के दशक में जनरल डायनामिक्स ने विकसित किया था और अब लॉकहीड मार्टिन इसका उत्पादन करती है। यह जेट-
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लंबाई |
14.8 मीटर |
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विंग की लंबाई |
9.8 मीटर |
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वजन |
9,936 किलो |
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अधिकतम उड़ान वजन |
16,875 किलो |
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ऊंचाई |
50,000 फीट तक |
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रेंज |
4,220 किलोमीटर |
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गति |
2,414 किलोमीटर प्रति घंटा |
F-16 में एडवांस रडार और हथियार सिस्टम लगे हैं। यह खराब मौसम में भी उड़ान भर सकता है और हवा से हवा में लक्ष्य नष्ट कर सकता है।
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32 साल में लगभग 750 F-16 जेट्स अलग-अलग देशों में क्रैश हो चुके हैं। अधिकतर हादसे ट्रेनिंग, एयर शो और स्टंट उड़ानों के दौरान हुए हैं।
F-16 में पायलट की सुरक्षा के लिए कई आधुनिक तकनीकें हैं। इसमें इजेक्शन सीट और ऑटो-पैराशूट सिस्टम है, जो खतरे की स्थिति में पायलट को सेकंडों में सुरक्षित बाहर निकाल देता है। फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम विमान को स्थिर रखता है। अलर्ट और चेतावनी सिस्टम मिसाइल या दुश्मन की रडार पकड़ने पर तुरंत अलार्म बजाता है। इसके अलावा सुरक्षित कॉकपिट, G-सूट, इमरजेंसी फ्यूल डंप और आग बुझाने का सिस्टम पायलट की सुरक्षा को और बढ़ाते हैं।
अमेरिका ने 2000 से भारत को F-16 बेचने का प्रयास किया, लेकिन भारत ने इसे अब तक नहीं खरीदा। इसका कारण पाकिस्तान में इन जेट्स की मौजूदगी और सुरक्षा संबंधी चिंताएं हैं। भारत ने अपनी रणनीति के तहत पाकिस्तान में F-16 की मौजूदगी के कारण इसे खरीदने से इनकार किया।