Garima Vishwakarma
25 Jan 2026
Manisha Dhanwani
25 Jan 2026
Aakash Waghmare
23 Jan 2026
Manisha Dhanwani
23 Jan 2026
Manisha Dhanwani
23 Jan 2026
काबुल/इस्लामाबाद। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते सीमा तनाव के बीच दोनों देशों ने 48 घंटे का अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) लागू करने पर सहमति जताई है। बुधवार शाम 6 बजे (पाकिस्तान समयानुसार) से प्रभावी हुआ यह युद्धविराम दोनों देशों के बीच हालिया सीमा झड़पों और हवाई हमलों के बाद स्थिति को सामान्य करने के प्रयासों का हिस्सा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसकी औपचारिक घोषणा की और कहा कि इस कदम का उद्देश्य शत्रुता को कम कर बातचीत का रास्ता खोलना है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस युद्धविराम के दौरान दोनों पक्ष संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में सैन्य कार्रवाई से परहेज करेंगे और राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी रखेंगे। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दोनों पक्ष इस जटिल, लेकिन हल करने योग्य मुद्दे का समाधान निकालने के लिए ईमानदारी से प्रयास करेंगे। बयान के अनुसार, युद्धविराम का उद्देश्य सीमा पर फिर से शांति स्थापित करना और जान-माल के नुकसान को रोकना है।
इस युद्धविराम की घोषणा से कुछ घंटे पहले ही अफगानिस्तान के दक्षिणी कंधार प्रांत में जबरदस्त हिंसा हुई थी। अफगान अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने बुधवार तड़के स्पिन बोल्डक जिले के रिहायशी इलाकों में हवाई हमले किए। इन हमलों में कम से कम 15 नागरिकों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। अफगानिस्तान के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्थानीय अस्पतालों में 80 से अधिक घायल बच्चों और महिलाओं का इलाज जारी है। कई मकान मलबे में तब्दील हो गए हैं और नागरिकों को सुरक्षित इलाकों में पलायन करना पड़ा है।
तालिबान के प्रवक्ता जुबीहुल्लाह मुजाहिद ने हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि अफगान बलों को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। मुजाहिद ने बताया कि पाकिस्तानी हवाई हमलों में निर्दोष नागरिक मारे गए। हमारी सुरक्षा इकाइयों ने जवाबी फायरिंग की ताकि आगे के नुकसान को रोका जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान ने ऐसे हमले जारी रखे, तो तालिबान प्रशासन मजबूर होकर कड़ा कदम उठाएगा।
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर आरोप लगाया कि सीमा पार से तालिबान लड़ाकों ने दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम में उसकी चौकियों पर हमले किए थे। पाकिस्तानी सेना के मुताबिक, इन हमलों में उसके छह अर्धसैनिक बल के जवान मारे गए, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। सेना ने दावा किया कि हवाई हमले आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किए गए, लेकिन यह भी स्वीकार किया कि सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस युद्धविराम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे दोनों देशों के बीच स्थायी शांति की दिशा में पहल होगी। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, इस 48 घंटे के विराम के दौरान इस्लामाबाद और काबुल के बीच उच्चस्तरीय बातचीत की संभावना है। संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और सीमा विवाद का शांतिपूर्ण समाधान खोजने की अपील की है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा विवाद कोई नया नहीं है। दोनों देशों के बीच लगभग 2,600 किलोमीटर लंबी ड्यूरंड रेखा (Durand Line) को लेकर लंबे समय से मतभेद हैं। पिछले कुछ वर्षों में सीमा पार से गोलीबारी, हवाई हमले और आतंकवादी गतिविधियों के मामलों में वृद्धि हुई है। विशेष रूप से तालिबान के 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता में आने के बाद से दोनों देशों के रिश्ते लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।