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Health:हर सिरदर्द नहीं होता आम, कुछ बन सकते हैं जानलेवा, जानिए क्या होता है माइग्रेन

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हर सिरदर्द नहीं होता आम, कुछ बन सकते हैं जानलेवा, जानिए क्या होता है माइग्रेन
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    हेल्थ डेस्क। आजकल सिरदर्द एक आम समस्या बन गई है। यह कई लोगों को नियमित रूप से परेशान करता है, और इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे कम नींद, तनाव, चिंता, और अन्य जीवनशैली से जुड़े मुद्दे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर सिरदर्द दवाइयों से ठीक नहीं होता? कुछ सिरदर्द तो इतने असहनीय हो सकते हैं कि साधारण उपायों से राहत मिलना मुश्किल हो जाता है।

    अगर आपको भी ऐसा सिरदर्द महसूस होता है, तो यह माइग्रेन जैसी समस्या का संकेत हो सकता है। यह समझना जरूरी है कि सिरदर्द हमेशा साधारण नहीं होता। कुछ मामलों में, सिरदर्द गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों, जैसे कि माइग्रेन, का संकेत भी हो सकता है, जो इलाज के बिना बढ़ सकती हैं। इसलिए, सिरदर्द की गंभीरता को पहचानना और सही उपचार लेना बेहद जरूरी है।

    क्या होता है माइग्रेन

    माइग्रेन एक प्रकार का सिरदर्द है, जो आमतौर पर सिर के एक हिस्से में तेज धड़कन जैसी महसूस होती है। यह सिरदर्द अक्सर मितली, उल्टी और रोशनी व आवाज के प्रति बहुत अधिक संवेदनशीलता के साथ होता है। माइग्रेन के दौरे कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक चल सकते हैं, और दर्द इतना तेज हो सकता है कि यह आपकी रोज की गतिविधियों में भी रुकावट डाल सकता है। तो आइए जानते है,

    कैसे होता है माइग्रेन ट्रिगर? 

    • तनाव माइग्रेन का सबसे सामान्य कारण है। जब हम मानसिक दबाव का सामना करते हैं, तो शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इससे दिमाग की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने और फैलने लगती हैं। यह असंतुलन माइग्रेन अटैक को ट्रिगर कर सकता है।
    • रात में पर्याप्त नींद न लेना भी माइग्रेन का कारण बन सकता है। नींद के दौरान मस्तिष्क अपनी कार्यप्रणाली को बेहतर तरीके से नियंत्रित करता है, लेकिन जब नींद पूरी नहीं होती, तो मस्तिष्क में कुछ हार्मोन्स के स्तर में बदलाव आ जाता है। इससे माइग्रेन अटैक का जोखिम बढ़ सकता है।
    • लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन देखना, तेज रोशनी या अत्यधिक शोर के कारण माइग्रेन अटैक का खतरा बढ़ सकता है। ऐसी परिस्थितियां मस्तिष्क की नसों पर अतिरिक्त दबाव डालने का काम करती हैं। इससे आंखों में तनाव और सिरदर्द दोनों बढ़ने लगते हैं, जो माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। माइग्रेन से ग्रस्त लोगों में ये स्थितियां सबसे सामान्य ट्रिगर मानी जाती हैं।
    Priyanshi Soni
    By Priyanshi Soni

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