Naresh Bhagoria
25 Jan 2026
Garima Vishwakarma
25 Jan 2026
Hemant Nagle
25 Jan 2026
पल्लवी वाघेला ’ भोपाल। इस हफ्ते भोपाल में ऐसा मामला सामने आया जिसने सबको चौंका दिया। पति ने गला घोंटकर पत्नी की हत्या कर दी। सामने आया कि पत्नी भोपाल से सटे गांव में न रहकर भोपाल में रहने की जिद पर अड़ी थी। जब फैमिली कोर्ट ने ऐसे मामलों पर नजर डाली तो प्रदेश के चार बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में शहर में रहने की जिद के 187 मामले विचाराधीन पाए गए। पति गांव को छोड़ना नहीं चाहते। वहीं, शहर में रहने की इच्छा के चलते पत्नियों ने कोर्ट में तलाक या भरण-पोषण के केस दायर किए हैं।
भोपाल के समीप गांव में रहने वाले पति ने बताया कि पत्नी चार साल की बेटी के साथ बीते तीन साल से अपने मायके भोपाल में है। पत्नी ने कहा कि उसे लगा था पति भाइयों की तरह शहर में रहेगा। वहीं पति का कहना है कि वो खेती और माता-पिता को छोड़ नहीं सकता।
इंदौर कोर्ट में पत्नी ने तलाक और भरण-पोषण का केस लगाया है। पत्नी ने कहा वह रीवा के पास गांव में रही है। वह पूरी जिंदगी गांव में नहीं बिताना चाहती थी, इसलिए पति की पुणे में जॉब को देखकर शादी के लिए हां कही। 2021 में जॉब जाने के बाद पति पैतृक गांव लौट आए। पत्नी ने कहा कि वह चाहती है कि पति इंदौर में शिफ्ट हो जाएं। इससे गांव में रह रहे परिवार से दूरी भी नहीं रहेगी, लेकिन पति तैयार नहीं है। पत्नी ने कहा कि छह साल पुणे में रहने के बाद अब वह और बड़े होते बच्चे गांव में नहीं रह सकते। मामले में पत्नी इंदौर में किराए के मकान में रह रही है। वहीं पति सौरभ का कहना है कि वह अभी इंदौर सिटी का खर्च वहन करने की हालत में नहीं है।
अब महिलाएं बंदिश नहीं चाहती। गांव में सामाजिक बंधन अधिक हैं। काउंसलिंग में महिलाओं को समझाते हैं कि अब गांवों में भी अच्छी एजुकेशन है। यदि फिर भी बच्चों की खातिर वह फैसला लेती हैं तो परिवार में सामंजस्य बैठाकर उन्हें समझाएं।
शैल अवस्थी, काउंसलर फैमिली कोर्ट
इंदौर 54
भोपाल 45
जबलपुर 51
ग्वालियर 37