मतदाता दिवस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नए वोटर का उत्साह बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सुझाव दिया कि जैसे हम जन्मदिन को जिस खुशी के साथ मनाते हैं, उसी तरह जब कोई युवा पहली बार मतदाता बनता है तो पूरे मोहल्ले, गांव या शहर को मिलकर उसे बधाई देनी चाहिए। पीएम ने कहा कि इस अवसर पर मिठाई बांटकर और शुभकामनाएं देकर युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने की परंपरा विकसित की जानी चाहिए।
UP की तमसा नदी का किया जिक्र
मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की तमसा नदी का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की कोशिशों से तमसा नदी को नया जीवन मिला है। पीएम ने कहा कि तमसा सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की जीवंत धारा है।
अयोध्या से होकर बहने वाली और गंगा में मिल जाने वाली यह नदी कभी क्षेत्र के लोगों के जीवन का आधार हुआ करती थी, लेकिन प्रदूषण के चलते इसका प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया था। अब जनसहभागिता से इसे फिर से संजीवनी मिली है।
जानें और क्या बोले PM
- प्रधानमंत्री ने भारतीय संस्कृति और त्योहारों की वैश्विक पहचान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज भारत के पर्व और परंपराएं पूरी दुनिया में उत्साह के साथ मनाई जा रही हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीय न सिर्फ अपने त्योहार मना रहे हैं, बल्कि अपनी भाषा और संस्कृति को भी आगे बढ़ा रहे हैं।
- PM ने यह भी बताया कि मलेशिया में 500 से अधिक तमिल स्कूल संचालित हो रहे हैं, जहां तमिल के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
- मोदी ने जनभागीदारी और सामूहिकता को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि भक्ति की परंपरा भी समय के साथ बदली है। पहले मंदिरों में भजन-कीर्तन होते थे, आज का युवा भक्ति को अपने अनुभव और जीवनशैली से जोड़ रहा है।
- इसी कड़ी में उन्होंने गुजरात के बेचराजी क्षेत्र के चंदनकी गांव का उदाहरण दिया, जहां एक अनोखी परंपरा देखने को मिलती है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस गांव में खासतौर पर बुजुर्ग अपने घरों में खाना नहीं बनाते, बल्कि गांव का सामुदायिक रसोईघर सभी की जरूरतें पूरी करता है, जो सामूहिकता की भावना का सशक्त उदाहरण है।




















