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ऑफिस से नहीं मिल रही अचार बनाने की फुरसत!हर बार मार्केट से खरीदते हैं? सेहत को होता है ये खतरनाक नुकसान

पारंपरिक रूप से अचार सरसों के तेल में बनाया जाता है, लेकिन बाजार के अचार में कई बार खराब क्वालिटी या सस्ते तेलों को मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। यह दिल और लिवर के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है।
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हर बार मार्केट से खरीदते हैं? सेहत को होता है ये खतरनाक नुकसान
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    लाइफस्टाइल। अचार जो अक्सर दाल चावल, सब्जी- चावल के साथ खाया जाता है। ये न सिर्फ स्वाद में मज़ेदार होता है बल्कि खाने में नया स्वाद जोड़ता है। किचन में अक्सर बच्चों की मां अलग-अलग अचार लाती है, हालांकि कई बार समय न मिलने के कारण अचार घर में नहीं बन पाता है, ऐसे में किचन में अपना घर बसाने वाली माताएं बाजार में मिलने वाला अचार की खरीददारी करती।

    हालांकि ये अचार स्वाद में जरूर थोड़े स्वादिष्ट लगते हैं, लेकिन मार्केट में तैयार होने वाले अलग-अलग अचार में कई अनियमितताएं पाई जाती है। जैसे-फफूंद लगना, एक्सपायरी प्रोडक्ट, अचार बनाते समय हाइजीन में ध्यान न रखना। 

    साफ-सफाई का ध्यान न देना

    बाजार में मिलने वाला अचार अधिकतर प्लास्टिक कंटेनरों में पैक होता है। अगर अचार किसी लोकल ब्रांड का है, तो यह तय नहीं होता कि इस्तेमाल किया गया प्लास्टिक फूड-ग्रेड है या नहीं। नॉन-फूड फ्रेंडली प्लास्टिक सेहत के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। इसके अलावा कई जगह अचार बनाने के दौरान साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता। कंटेनर और प्रोसेसिंग एरिया में हाइजीन की कमी, प्रेशर कंट्रोल न होना और अचार संभालने वाले कर्मचारियों की मेडिकल जांच न होना भी संक्रमण फैलने का बड़ा कारण बन सकता है।

    अचार के डॉर्क कलर के पीछे क्या है राज?

    अक्सर भारतीय घरों में शिकायत होते हैं कि बाजार का अचार घर के अचार की तुलना में ज्यादा गहरे रंग का होता है। इसकी वजह यह है कि बाजार में बिकने वाले अचार में पीला या लाल रंग देने के लिए सिंथेटिक फूड कलर मिलाए जाते हैं। ये केमिकल रंग शरीर में जाकर एलर्जी, पेट की समस्या और अन्य हेल्थ प्रॉब्लम्स बढ़ा सकते हैं।

    इधर, फूड सेफ्टी टीम ने पकड़ा फफूंद लगा अचार

    गिरवा क्षेत्र में फूड सेफ्टी टीम ने फफूंद लगा अचार पकड़ा है, जिसे मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार फफूंद लगे अचार को दोबारा प्रोसेस कर बाजार में बेच दिया जाता है और उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी तक नहीं होती। ऐसे अचार में मौजूद बैक्टीरिया शरीर में पहुंचकर फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

    सस्ते तेल और घटिया गुणवत्ता का तेल किया जाता है उपयोग

    पारंपरिक रूप से अचार सरसों के तेल में बनाया जाता है, लेकिन बाजार के अचार में कई बार खराब क्वालिटी या सस्ते तेलों को मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। यह दिल और लिवर के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है। इसी तरह मसालों की क्वालिटी की भी कोई गारंटी नहीं होती। वजन बढ़ाने के लिए कई बार स्टार्च या अन्य पाउडर मिलाए जाते हैं, जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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