Naresh Bhagoria
25 Jan 2026
रीवा। जिले के ग्राम पंचायत गढ़ा 138 में सड़क और पुल निर्माण को लेकर लापरवाही अब बड़े विरोध का रूप ले चुकी है। गांव निवासी धनेश सोनकर कलेक्टरेट गेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गए, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। धनेश एक बैनर के माध्यम से वर्षों से अधूरी पड़ी सड़क-पुल परियोजना की ओर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। जिस पर लिखा है, 'किडनी बेचना है, ताकि सड़क-पुल बनवा सकूं।'

वर्ष 2022 में ग्राम पंचायत गढ़ा 138 में सड़क-पुल निर्माण के लिए 2 करोड़ 51 लाख 15 हजार रुपए स्वीकृत किए गए थे। योजना के तहत 2200 मीटर लंबी सड़क का निर्माण होना था, लेकिन अब तक महज करीब 500 मीटर सड़क ही बन पाई है। शेष कार्य बिना किसी स्पष्ट कारण के बंद कर दिया गया। इससे गांव का संपर्क प्रभावित हो गया है और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सुखराम, केशव, मकबूल आदि ग्रामीणों का कहना है कि, खराब और अधूरे रास्ते के कारण गांव तक एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाती। आपात स्थिति में मरीजों को चारपाई पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिससे जान जोखिम में पड़ती है। धनेश सोनकर का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई, इसलिए मजबूरी में भूख हड़ताल करनी पड़ी।
संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। युवक की समस्या के शीघ्र निदान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
प्रतिभा पाल, कलेक्टर, रीवा