Manisha Dhanwani
25 Jan 2026
इस साल 2025 के लिए केमिस्ट्री का नोबेल पुरस्कार जापान के सुसुमु कितागावा, ऑस्ट्रेलिया के रिचर्ड रॉबसन और अमेरिका के ओमार एम. यागी को संयुक्त रूप से दिया गया है। इन वैज्ञानिकों को यह सम्मान मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स (Metal-Organic Frameworks) के विकास के लिए प्रदान किया गया है।
द रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज के अनुसार, इन तीनों वैज्ञानिकों ने एक नई मॉलिक्यूलर संरचना (Molecular Architecture) तैयार की है, जिसमें बड़े-बड़े खोखले स्थान होते हैं। इन स्थानों के कारण मॉलिक्यूल्स आसानी से अंदर-बाहर आ-जा सकते हैं।
इन फ्रेमवर्क्स का उपयोग अब कई उपयोगी कार्यों में किया जा रहा है, जैसे- रेगिस्तानी हवा से पानी निकालना, गंदे पानी की सफाई करना, कार्बन डाइऑक्साइड को कैप्चर करना और हाइड्रोजन को सुरक्षित रूप से स्टोर करना। एकेडमी ने कहा कि इस खोज ने रसायन विज्ञान (Chemistry) के क्षेत्र में नई संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए हैं।
जापान के क्योटो यूनिवर्सिटी से सुसुमु कितागावा, ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न से रिचर्ड रॉबसन, अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से ओमार एम. यागी। इन तीनों को नोबेल पुरस्कार की राशि का समान हिस्सा दिया जाएगा।
मंगलवार (7 अक्टूबर 2025) को घोषित फिजिक्स नोबेल पुरस्कार अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों को दिया गया। जॉन क्लार्क, माइकल डेवोरेट और जॉन मार्टिनिस को फिजिक्स में उनके अहम योगदान के लिए यह सम्मान मिला है।