Mayonnaise Effects:स्वाद बढ़ाने वाली मेयोनीज कहीं बिगाड़ न दे आपकी सेहत, जानिए फायदे और नुकसान

लाइफस्टाइल। क्रीमी स्वाद और मुलायम टेक्सचर वाली मेयोनीज दुनियाभर में लोगों की पसंदीदा सॉस बन चुकी है। फास्ट फूड से लेकर घर की रेसिपी तक इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। हालांकि, हाल ही में अंडे से बनी मेयोनीज को लेकर फूड सेफ्टी की चिंता सामने आई है। खासकर गर्म मौसम में गलत तरीके से रखी गई मेयोनीज से बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मेयोनीज को पूरी तरह छोड़ देना चाहिए या सीमित मात्रा में इसे खाया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार सही मात्रा और अच्छी क्वालिटी की मेयोनीज सेहत के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है।
मेयोनीज में क्या-क्या होता है?
मेयोनीज मुख्य रूप से तेल, अंडे की जर्दी, सिरका या नींबू के रस से तैयार की जाती है। इन चीजों को मिलाकर एक गाढ़ा और क्रीमी मिश्रण बनाया जाता है। बाजार में मिलने वाली कई मेयोनीज में नमक, चीनी, मसाले और लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए प्रिजर्वेटिव भी मिलाए जाते हैं। वहीं, अब लो-फैट और वेगन मेयोनीज जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं।
सीमित मात्रा में मिल सकते हैं फायदे
मेयोनीज में मौजूद तेल शरीर को फैट उपलब्ध कराता है, जो ऊर्जा का एक स्रोत है। अगर इसे ऑलिव ऑयल या एवोकाडो ऑयल जैसे बेहतर विकल्पों से बनाया गया हो तो इसमें हेल्दी फैट मिल सकता है। इसमें मौजूद विटामिन E त्वचा और शरीर की कोशिकाओं के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा मेयोनीज में मौजूद फैट शरीर को विटामिन A, D, E और K जैसे पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मदद कर सकता है।
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ज्यादा सेवन से बढ़ सकती हैं मुश्किलें
मेयोनीज में कैलोरी और फैट की मात्रा काफी ज्यादा होती है। एक चम्मच मेयोनीज में लगभग 90 से 100 कैलोरी तक हो सकती हैं। इसका ज्यादा इस्तेमाल वजन बढ़ने और शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होने का कारण बन सकता है। खासतौर पर जो लोग वजन कम करने या लो-कैलोरी डाइट पर हैं, उन्हें इसकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।
अंडे वाली मेयोनीज में संक्रमण का खतरा
कच्चे अंडे से बनी मेयोनीज में साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया का खतरा हो सकता है। अगर इसे सही तापमान पर स्टोर न किया जाए या लंबे समय तक बाहर रखा जाए तो फूड पॉइजनिंग की संभावना बढ़ सकती है। गर्म मौसम में बाजार से खरीदी गई मेयोनीज का इस्तेमाल करते समय एक्सपायरी डेट और स्टोरेज का ध्यान रखना जरूरी है।
लो फैट मेयोनीज भी पूरी तरह हेल्दी नहीं
कई लोग सामान्य मेयोनीज की जगह लो-फैट विकल्प चुनते हैं लेकिन इनमें स्वाद और टेक्सचर बनाए रखने के लिए अतिरिक्त चीनी, स्टार्च या दूसरे एडिटिव्स मिलाए जा सकते हैं। इसलिए सिर्फ लो-फैट लिखा होने से कोई चीज पूरी तरह हेल्दी नहीं हो जाती। खरीदते समय पैकेट पर दिए गए पोषण संबंधी जानकारी को जरूर पढ़ना चाहिए।
मेयोनीज को हेल्दी कैसे बनाएं?
घर पर बनाई गई मेयोनीज में सामग्री की गुणवत्ता को नियंत्रित किया जा सकता है। बेहतर तेल, ताजे अंडे और प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल इसे ज्यादा अच्छा विकल्प बना सकता है। इसके अलावा मेयोनीज की मात्रा कम करके इसे ग्रीक योगर्ट, एवोकाडो या दूसरे हेल्दी विकल्पों के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
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स्वाद के साथ रखें मात्रा का ध्यान
मेयोनीज को पूरी तरह नुकसानदायक कहना सही नहीं है लेकिन इसका अधिक सेवन सेहत पर असर डाल सकता है। सीमित मात्रा में और सही तरीके से रखी गई मेयोनीज को डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए हमेशा क्वालिटी, मात्रा और खाने की आदतों का ध्यान रखना जरूरी है।











