लवकुश जयंती पर गुना में शोभायात्रा निकली, फूलों से हुआ भव्य स्वागत

गुना। शोभायात्रा की शुरुआत कुशवाह नगर वार्ड क्रमांक 07 स्थित लवकुश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना और महाआरती के साथ हुई। इसके बाद विभिन्न मार्गों से होते हुए चल समारोह प्रीतम वाटिका पहुंचा, जहां मंचीय कार्यक्रम में अतिथियों ने भगवान लवकुश के जीवन आदर्शों पर प्रकाश डाला। आयोजन के दौरान नशामुक्ति और मर्यादा बनाए रखने की अपील का असर भी देखने को मिला और पूरा समारोह शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
लवकुश मंदिर से शुरू हुआ चल समारोह
शोभायात्रा की शुरुआत सुबह कुशवाह नगर वार्ड क्रमांक 07 स्थित श्री लवकुश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना और महाआरती के साथ हुई। इसके बाद भव्य चल समारोह शुरू होकर कुशवाहा नगर हनुमान मंदिर, मरई माता मंदिर, आसमानी माता मंदिर, हनुमंता मंदिर, ख्यावदा चौराहा, बोहरा मस्जिद, मानस भवन, जयस्तंभ चौराहा, सदर बाजार, निचला बाजार, हाट रोड और हनुमान चौराहा होते हुए अंबेडकर भवन मार्ग से गुजरा।
ये भी पढ़ें: ‘सेवा’ के रंग में रंगेंगे एमपी के कॉलेज, छात्रों के साथ समुदाय भी निभाएगा भागीदारी
भगवान लवकुश की भव्य बग्गी रही आकर्षण
चल समारोह में सबसे बड़ा आकर्षण भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी की नयनाभिराम झांकी और भगवान लवकुश की भव्य बग्गी रही, जिस पर श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किया। रास्ते में धर्म ध्वजाएं लहराते और जयकारे लगाते समाजजन चल रहे थे।
प्रीतम वाटिका में हुआ भव्य समापन
चल समारोह का भव्य समापन प्रीतम वाटिका में एक मंचीय कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुआ। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद भारत सिंह, विधायक कैलाश कुशवाह और कुशवाह समाज के जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुशवाह मौजूद रहे।
शिक्षा, एकता और संगठनात्मक मजबूती पर जोर
अतिथियों ने भगवान लवकुश के जीवन आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए समाज में शिक्षा, एकता और संगठनात्मक मजबूती पर बल दिया। आयोजकों द्वारा पूर्व में की गई नशामुक्ति और मर्यादा बनाए रखने की अपील का असर पूरे आयोजन के दौरान स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जिससे पूरा चल समारोह अत्यंत शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
ये भी पढ़ें: खिलचीपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी, कई इलाकों में जलभराव; जल निकासी की खुली पोल
श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद का आयोजन
कार्यक्रम के आखिर में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद का भी आयोजन किया गया। आयोजन में समाज की महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही और भगवान लवकुश की जयंती पर शहर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला।




















