लालबागचा राजा के 10 साल... हर बार अलग थीम और बप्पा का दिव्य रूप, देखें तस्वीरें

मुंबई के मशहूर लालबागचा राजा के दर्शन हर साल भक्तों के लिए खास होते हैं। बप्पा की विशाल और आकर्षक प्रतिमा के साथ पंडाल की थीम भी लोगों का ध्यान खींचती है। पिछले कई सालों में यहां अलग-अलग थीम देखने को मिलीं। कभी अंतरिक्ष की झलक दिखी तो कभी अयोध्या दरबार सजा। अब 2026 में पंडाल की थीम उज्जैन के महाकाल से प्रेरित है।
2017 में हरे रंग की पोशाक में दिखे बप्पा
साल 2017 की तस्वीरों में लालबागचा राजा को सुंदर हरे रंग की पोशाक में देखा जा सकता है। बप्पा के चरणों के दर्शन की झलक भी तस्वीरों में नजर आती है। उनकी धोती के किनारों पर स्वास्तिक और कलश जैसे पारंपरिक धार्मिक चिह्न बनाए गए थे, जो पूरे रूप को खास बना रहे थे।
2018 में 3D प्रोजेक्शन बना आकर्षण
इसके अगले साल यानी 2018 में लालबागचा राजा का पंडाल एक बार फिर भव्य अंदाज में सजाया गया। बप्पा का विराट स्वरूप भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान पंडाल की सजावट में 3D प्रोजेक्शन और ग्राफिक्स का इस्तेमाल किया गया था, जिसने पूरे आयोजन को आधुनिक और खास रूप दिया।
2019 में दिखी चंद्रयान की थीम

साल 2019 में लालबागचा राजा के पंडाल को अंतरिक्ष की थीम पर सजाया गया। यह थीम चंद्रयान-2 से प्रेरित थी। पूरे पंडाल में स्पेस से जुड़ी सजावट देखने को मिली। इस खास कॉन्सेप्ट के बीच बप्पा का मनमोहक स्वरूप भक्तों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बना।
2020 में कोरोना के कारण नहीं सजा पंडाल
साल 2020 लालबागचा राजा के इतिहास में बिल्कुल अलग रहा। कोरोना महामारी के कारण पहली बार यहां पारंपरिक तरीके से भव्य पंडाल नहीं सजाया गया। गणेश उत्सव का यह दौर पिछले वर्षों की चकाचौंध से बिल्कुल अलग और सादगी भरा रहा।
2021 में शेषनाग पर विराजे बप्पा
कोरोना के दौर के अगले साल 2021 में लालबागचा राजा भगवान विष्णु के अवतार में नजर आए। बप्पा को शेषनाग पर विराजमान दिखाया गया था। महामारी के कारण इस साल भी आयोजन अपेक्षाकृत सादा रखा गया और भव्यता की जगह धार्मिक भावनाओं पर ज्यादा जोर रहा।
2022 में सजा अयोध्या का दरबार
दो साल के अंतराल के बाद 2022 में लालबागचा राजा का भव्य पंडाल फिर से देखने को मिला। इस बार गणेश उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। पंडाल की सजावट भगवान राम के अयोध्या दरबार की थीम पर आधारित थी। इस धार्मिक थीम ने भक्तों का खूब ध्यान खींचा।
2023 में दिखी छत्रपति शिवाजी महाराज की झलक
साल 2023 में पंडाल की थीम छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के 350वें वर्ष से जुड़ी थी। पंडाल के प्रवेश द्वार को रायगढ़ किले के विशाल मुख्य द्वार जैसा रूप दिया गया था। ऐतिहासिक विरासत और धार्मिक आस्था के इस मेल ने लालबागचा राजा के दरबार को और खास बना दिया।
2024 में मैरून पोशाक में नजर आए बप्पा
2024 में लालबागचा राजा को आकर्षक मैरून रंग की पोशाक पहनाई गई थी। बप्पा की प्रतिमा करीब 12 फीट ऊंची बताई गई। विशाल प्रतिमा और भव्य पंडाल की सजावट ने इस साल भी भक्तों का ध्यान अपनी ओर खींचा। बप्पा का सुंदर स्वरूप पूरे आयोजन की खास पहचान बना रहा।
2025 में तिरुपति बालाजी की थीम
साल 2025 में लालबागचा राजा का मंडप तिरुपति बालाजी के मुकुट की थीम पर तैयार किया गया। पूरा पंडाल एक भव्य राजमहल जैसा नजर आया। स्वर्णिम सिंहासन पर विराजमान बप्पा की विशाल प्रतिमा बेहद आकर्षक लग रही थी और भक्तों के लिए यह दृश्य खास आकर्षण बना रहा।
2026 में महाकाल से इंस्पायर हुआ पंडाल
अब साल 2026 में लालबागचा राजा की पहली झलक भी सामने आ चुकी है। इस बार पंडाल की सजावट उज्जैन के महाकाल से प्रेरित बताई जा रही है। शुरुआती झलक में ही पंडाल की भव्यता और बप्पा का दिव्य स्वरूप नजर आ रहा है। हर साल की तरह इस बार भी लालबागचा राजा के दर्शन और उनकी खास थीम भक्तों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
























